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कोबाल्ट मशीन पर बड़ी पड़ताल, शासन की टीम ने किए सवाल
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कैंसर मरीजों के इलाज में सहायक कोबाल्ट मशीन का शुरू से ही उपयोग न होना और उसके निस्तारण के तरीके को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन से जांच करने आई टीम ने मशीन के संबंध में विस्तृत पड़ताल की। इस दौरान विशेष सचिव व अन्य सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से कई सवाल किए। पूछा कि मशीन हटाने के संबंध में क्या आदेश थे, निस्तारण कैसे किया गया। टीम ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण भी किया।
सोमवार को शासन की ओर से आई टीम में विशेष सचिव शुभ्रा सक्सेना, असिस्टेंट डायरेक्टर मेडिकल एजूकेशन एनसी प्रजापति, पीजीआई के रेडियोफिजिसिस्ट ने जांच के दौरान रेडियोथैरेपी विभाग में कोबाल्ट मशीन जाने के संबंध में पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि सोर्स के साथ-साथ कोबाल्ट मशीन हटाने को लेकर उन्होंने तमाम सवाल किए। पूछा कि मशीन हटाने के संबंध में क्या आदेश थे? टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसके अलावा उन्होंने मशीन न चलने के संबंध में भी पूछताछ की तो मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि यहां पर फिजिसिस्ट नहीं था। अब टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। कइयों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
ओटी में फर्श टूटा होने पर नाराजगी जताई
टीम पांच सौ बेड अस्पताल भी पहुंची। इसके बाद टीम ने मॉड्यूलर ओटी, पैरामेडिकल कॉलेज, कोविड बिल्डिंग का जायजा भी लिया। मॉड्यूलर ओटी में फर्श टूटा मिलने पर विशेष सचिव ने सख्त आपत्ति दर्ज की। उन्होंने कहा कि व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए, वरना कार्रवाई होगी। इस दौरान प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. ओमशंकर चौरसिया, डॉ. अंशुल जैन आदि मौजूद रहे।
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जल्द दुरुस्त कराएं अग्निशमन उपकरण
शासन से आई टीम को मेडिकल कॉलेज में कई जगह अग्निशमन उपकरण नहीं मिले। कुछ जगह उनकी हालत खराब थी वे लगभग शोपीस बने हुए थे। इस पर विशेष सचिव ने आपत्ति जताई। जल्द से जल्द फायर सेफ्टी उपकरण दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए। कहा कि बचाव के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। मरीजों, तीमारदारों और मेडिकल कॉलेज स्टाफ की सुरक्षा से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा।
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सोमवार को शासन की ओर से आई टीम में विशेष सचिव शुभ्रा सक्सेना, असिस्टेंट डायरेक्टर मेडिकल एजूकेशन एनसी प्रजापति, पीजीआई के रेडियोफिजिसिस्ट ने जांच के दौरान रेडियोथैरेपी विभाग में कोबाल्ट मशीन जाने के संबंध में पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि सोर्स के साथ-साथ कोबाल्ट मशीन हटाने को लेकर उन्होंने तमाम सवाल किए। पूछा कि मशीन हटाने के संबंध में क्या आदेश थे? टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसके अलावा उन्होंने मशीन न चलने के संबंध में भी पूछताछ की तो मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि यहां पर फिजिसिस्ट नहीं था। अब टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। कइयों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
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ओटी में फर्श टूटा होने पर नाराजगी जताई
टीम पांच सौ बेड अस्पताल भी पहुंची। इसके बाद टीम ने मॉड्यूलर ओटी, पैरामेडिकल कॉलेज, कोविड बिल्डिंग का जायजा भी लिया। मॉड्यूलर ओटी में फर्श टूटा मिलने पर विशेष सचिव ने सख्त आपत्ति दर्ज की। उन्होंने कहा कि व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए, वरना कार्रवाई होगी। इस दौरान प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. ओमशंकर चौरसिया, डॉ. अंशुल जैन आदि मौजूद रहे।
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जल्द दुरुस्त कराएं अग्निशमन उपकरण
शासन से आई टीम को मेडिकल कॉलेज में कई जगह अग्निशमन उपकरण नहीं मिले। कुछ जगह उनकी हालत खराब थी वे लगभग शोपीस बने हुए थे। इस पर विशेष सचिव ने आपत्ति जताई। जल्द से जल्द फायर सेफ्टी उपकरण दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए। कहा कि बचाव के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। मरीजों, तीमारदारों और मेडिकल कॉलेज स्टाफ की सुरक्षा से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा।