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Jhansi News: साइकिल से 1500 किमी का सफर तय कर पहुंचीं साइकिल यात्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पंद्रह सौ किलोमीटर की दूरी तय कर मध्य प्रदेश की महिला साइकिल यात्री शनिवार को ललितपुर पहुंची। उसने बताया कि वह सेना के सहयोग से कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती पर अमर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने कारगिल गई थी।
मध्य प्रदेश के जिला राजगढ़ अंतर्गत ग्राम नाटाराम निवासी महिला साइकिल यात्री करीब 1500 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर शनिवार को ललितपुर पहुंची। उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से कहा कि हिम्मत से समस्याओं का सामना कर उसे निपटाया जा सकता है। उक्त महिला साइकिल यात्री कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती पर कन्याकुमारी- कारगिल- सियाचिन- दिल्ली यात्रा पर गई थी, जहां से लौटते समय वह शनिवार को ललितपुर पहुंची।
उन्होंने बताया कि वह चालीस हजार किलोमीटर से अधिक यात्रा दो चरणों में कर चुकी हैं। वह राष्ट्रीय पर्वतारोही भी है। वह 15 अगस्त को सियाचिन पहुंची, जहां भारत के वीर सपूतों को नमन किया। 06 सितंबर को दुनिया के सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित मोटरेबल रोड से होकर अब वह ललितपुर आई है।
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ललितपुर। पंद्रह सौ किलोमीटर की दूरी तय कर मध्य प्रदेश की महिला साइकिल यात्री शनिवार को ललितपुर पहुंची। उसने बताया कि वह सेना के सहयोग से कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती पर अमर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने कारगिल गई थी।
मध्य प्रदेश के जिला राजगढ़ अंतर्गत ग्राम नाटाराम निवासी महिला साइकिल यात्री करीब 1500 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर शनिवार को ललितपुर पहुंची। उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से कहा कि हिम्मत से समस्याओं का सामना कर उसे निपटाया जा सकता है। उक्त महिला साइकिल यात्री कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती पर कन्याकुमारी- कारगिल- सियाचिन- दिल्ली यात्रा पर गई थी, जहां से लौटते समय वह शनिवार को ललितपुर पहुंची।
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उन्होंने बताया कि वह चालीस हजार किलोमीटर से अधिक यात्रा दो चरणों में कर चुकी हैं। वह राष्ट्रीय पर्वतारोही भी है। वह 15 अगस्त को सियाचिन पहुंची, जहां भारत के वीर सपूतों को नमन किया। 06 सितंबर को दुनिया के सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित मोटरेबल रोड से होकर अब वह ललितपुर आई है।
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