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Jhansi News: सोशल मीडिया के भंवर में फंस रहा जिज्ञासु बाल मन
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बच्चों का मन जिज्ञासु होता है। इन्हें जो अच्छा लगता है, उसे देखना, करना व पाना चाहते हैं। मन कोमल होता है, इसलिए अच्छे-बुरे का पता नहीं होता। यदि आपका बच्चा मोबाइल फोन का शौकीन है तो नजर रखें। गेम्स खेलता है तो नजर बनाए रखें। आपको जानकर हैरानी होगी कि सात से 11 वर्ष तक के बच्चे अपने परिवार और स्कूल में अमर्यादित और गलत आचरण कर रहे हैं। अब परेशान माता-पिता उनका मनोचिकित्सक से उपचार करवा रहे हैं।
जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन बताती हैं कि गलत आचरण और व्यवहार करने वाले 12 से 18 वर्ष तक के बच्चों को लेकर माता-पिता काउंसलिंग और उपचार के लिए आते हैं लेकिन दो सप्ताह से आठ से 11 वर्ष तक के बच्चे भी आने लगे हैं। यह चौंकाने वाली बात है। उनका कहना है कि जब माता-पिता की काउंसलिंग की तो पता चला कि लापरवाही और नजरअंदाज करने की वजह से बच्चे गलत रास्ते पर पहुंच रहे हैं। बहलाने के लिए बच्चों को मोबाइल फोन देने के बाद ध्यान नहीं देना सबसे गलत तरीका है। बच्चे मोबाइल पर रील्स पर रील्स देखते हैं। इसकी वजह से बच्चे भी गलत रास्ते पर जा रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर तीन ऐसे मामले आए हैं, जो काफी विचलित करने वाले हैं।
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केस-एक
कोतवाली शहर निवासी दंपती तीन दिन पहले सात साल के बेटे को लेकर आए। उन्होंने बताया कि उनका बच्चा कुछ समय से गलत हरकत कर रहा है। इसकी वजह से घर में लोगों ने आना बंद कर दिया है। इंतिहा तब हो गई, जब उसने घर के सदस्य के साथ हरकत कर दी, जिस पर गुस्से में मां ने उसके हाथ जलाकर जख्मी कर दिए हैं।
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केस-दो
शिवाजी नगर की 10 साल की बच्ची निजी स्कूल में पढ़ती है। पांच-छह रोज पहले क्लास टीचर ने माता-पिता को बुलाकर उसकी गलत हरकत के बारे में बताया मगर उन्हें भरोसा नहीं हुआ। उसी दिन पड़ोस में रहने वाली महिलाओं ने उसके बारे में शिकायत की। जब मां ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने हकीकत बता दी। अब इसका भी उपचार चल रहा है।
केस-तीन
सीपरी बाजार का कक्षा आठ में पढ़ने वाले बच्चे ने घर में काम करने वाली महिला के हमउम्र लड़के से अशोभनीय आचरण किया। परिजन ने जब डांटा तो वह उग्र हो गया। इसके बाद उसने स्कूल में गलत हरकत की तो अभिभावकों को बुलाकर मामले से अवगत कराया गया। इस पर उसका भी मनोचिकित्सक से उपचार चल रहा है।
0- ये सावधानियां बरतना है जरूरी
1. बच्चों को मोबाइल फोन दें मगर नजर रखें।
2. किस-किस साइट को बच्चे ने सर्च किया, यह भी जानें।
3. बड़ों के फोन पर रील्स सेव हैं तो बच्चों को फोन न दें।
4. माता-पिता वेस्टर्न कल्चर का घर में पालन न करें।
5. दोअर्थी शब्दों का घर में प्रयोग कम करना चाहिए।
6. बच्चा एकांत में फोन देखता है तो उसे समझाएं।
7. बच्चे को डांटने-मारने से बेहतर होगा कि समझाएं।