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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा हॉकी खिलाड़ियों का मन
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झांसी। महानगर के पंडित दीनदयाल सभागार में बृहस्पतिवार को स्पोर्ट्स वे ऑफ लाइफ तथा आईएमटी गाजियाबाद द्वारा हॉकी के महानतम खिलाड़ी केडी सिंह बाबू मेमोरियल नेशनल सेमिनार टू प्रोमोट इंडियन वूमन हॉकी एट द ग्रास रूट्स का आयोजन किया गया। सेमिनार में देश के कई प्रांतों की महिला हॉकी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बुंदेली लोकनृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियोें ने खिलाड़ियों का मन मोहा।
सेमिनार को संबोधित करते हुए गाजियाबाद स्पोर्ट्स रिसर्च सेंटर के प्रमुख डॉ. कनिष्क पांडेय ने कहा कि देश में खेलों को लेकर महिलाओं में जानकारी का अभाव है। जब खिलाड़ी लौटकर अपने घर जाएं तो वहां लोगों को खेलों के बारे में जानकारियां दें। केडी बाबू के सपनों को साकार करने के लिए महिला हॉकी खिलाड़ियों को आगे आने की जरूरत है।
केडी बाबू के पुत्र विश्व विजय ने खिलाड़ियों को बताया कि मेरे पिताजी ने महिला हॉकी को देश में पहले स्थान पर लाने के लिए मुहिम चलाई थी। जिसे आगे ले जाने की जरूरत है। जिससे देश महिला हॉकी में अपने प्रदर्शन को सर्वोच्च स्थान पर ले जा सके।
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उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व ओलंपियन सुबोध खांडेकर ने केडी सिंह बाबू को याद किया। इस मौके पर अर्जुन अवॉर्डी सुरिंदर कौर, पंजाब टीम की मैनेजर मनीषा मीना, रामपुर के स्पोर्ट्स ऑफिसर नवीन कुमार सिंह, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर रंजीत राज, मध्य प्रदेश टीम के प्रशिक्षक वंदना उईके, राष्ट्रीय चयनकर्ता सुनीता तिवारी, महाराष्ट्र टीम कीमैनेजर प्रभा गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित, सिफ्का के डिवीजनल मैनेजर आनंद चौबे, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर, आईपी भल्ला, अधिवक्ता राजीव नायक मौजूद रहे।
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सेमिनार को संबोधित करते हुए गाजियाबाद स्पोर्ट्स रिसर्च सेंटर के प्रमुख डॉ. कनिष्क पांडेय ने कहा कि देश में खेलों को लेकर महिलाओं में जानकारी का अभाव है। जब खिलाड़ी लौटकर अपने घर जाएं तो वहां लोगों को खेलों के बारे में जानकारियां दें। केडी बाबू के सपनों को साकार करने के लिए महिला हॉकी खिलाड़ियों को आगे आने की जरूरत है।
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केडी बाबू के पुत्र विश्व विजय ने खिलाड़ियों को बताया कि मेरे पिताजी ने महिला हॉकी को देश में पहले स्थान पर लाने के लिए मुहिम चलाई थी। जिसे आगे ले जाने की जरूरत है। जिससे देश महिला हॉकी में अपने प्रदर्शन को सर्वोच्च स्थान पर ले जा सके।
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उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व ओलंपियन सुबोध खांडेकर ने केडी सिंह बाबू को याद किया। इस मौके पर अर्जुन अवॉर्डी सुरिंदर कौर, पंजाब टीम की मैनेजर मनीषा मीना, रामपुर के स्पोर्ट्स ऑफिसर नवीन कुमार सिंह, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर रंजीत राज, मध्य प्रदेश टीम के प्रशिक्षक वंदना उईके, राष्ट्रीय चयनकर्ता सुनीता तिवारी, महाराष्ट्र टीम कीमैनेजर प्रभा गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित, सिफ्का के डिवीजनल मैनेजर आनंद चौबे, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर, आईपी भल्ला, अधिवक्ता राजीव नायक मौजूद रहे।