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सीआरपीएफ के हवलदार के बेटे का अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Apr 2017 01:04 AM IST
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अपहरण
- फोटो : demo
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सीआरपीएफ के हवलदार चंद्रभान सिंह के चौदह वर्षीय पुत्र प्रमोद पाल का सोमवार को स्कूल से लौटते समय अपहरण हो गया। कैंट एरिया में उसका लावारिस अवस्था में स्कूटर, स्कूल बैग और हेलमेट मिला। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
सीआरपीएफ में हवलदार चंद्रभान सिंह अपने परिवार के साथ हंसारी कुम्हार टोली में रहते हैं। उनका बेटा प्रमोद सेंट मार्क्स स्कूल में दसवीं का छात्र है। सोमवार को वह परीक्षा देने स्कूल गया, लेकिन वापस लौटकर नहीं आया। दोपहर ढाई बजे उसका दोस्त मोहित प्रमोद का स्कूटर, स्कूल बैग, हेलमेट लेकर घर पहुंचा। दोस्त ने बताया कि स्कूटर और अन्य सामान कैंट एरिया में लास्कला चौराहे के पास पड़ा हुआ था। पास में ही स्कूटर की चाबी भी पड़ी थी। इससे परिवार में कोहराम मच गया। तमाम कोशिशों के बाद भी परिवार के लोगों को प्रमोद का पता नहीं चल पाया। इसकी सूचना प्रमोद के पिता ने फोन से पुलिस को दी। पुलिस भी उसका पता नहीं कर पाई। शाम को सदर बाजार थाने में प्रमोद के अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई।
सदर बाजार थाना प्रभारी राजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि प्रमोद पेपर देने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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चलने - फिरने में लाचार है पिता
प्रमोद के पिता सीआरपीएफ में हवलदार चंद्रभान सिंह एक साल पहले झारखंड में तैनात थे। उन पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। ब्लास्ट से उनका पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया था। तभी से वह झांसी में रहकर पैर का उपचार करा रहे हैं। वह चलने - फिरने में भी लाचार हैं।
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सीआरपीएफ में हवलदार चंद्रभान सिंह अपने परिवार के साथ हंसारी कुम्हार टोली में रहते हैं। उनका बेटा प्रमोद सेंट मार्क्स स्कूल में दसवीं का छात्र है। सोमवार को वह परीक्षा देने स्कूल गया, लेकिन वापस लौटकर नहीं आया। दोपहर ढाई बजे उसका दोस्त मोहित प्रमोद का स्कूटर, स्कूल बैग, हेलमेट लेकर घर पहुंचा। दोस्त ने बताया कि स्कूटर और अन्य सामान कैंट एरिया में लास्कला चौराहे के पास पड़ा हुआ था। पास में ही स्कूटर की चाबी भी पड़ी थी। इससे परिवार में कोहराम मच गया। तमाम कोशिशों के बाद भी परिवार के लोगों को प्रमोद का पता नहीं चल पाया। इसकी सूचना प्रमोद के पिता ने फोन से पुलिस को दी। पुलिस भी उसका पता नहीं कर पाई। शाम को सदर बाजार थाने में प्रमोद के अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई।
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सदर बाजार थाना प्रभारी राजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि प्रमोद पेपर देने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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चलने - फिरने में लाचार है पिता
प्रमोद के पिता सीआरपीएफ में हवलदार चंद्रभान सिंह एक साल पहले झारखंड में तैनात थे। उन पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। ब्लास्ट से उनका पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया था। तभी से वह झांसी में रहकर पैर का उपचार करा रहे हैं। वह चलने - फिरने में भी लाचार हैं।