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दुष्कर्म मामले में गवाही से पलटे गवाह
Thu, 04 Apr 2019 12:52 AM IST
देवेंद्र कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Thu, 04 Apr 2019 12:52 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय)/ विश्ेाष न्यायाधीश एससी /एसटी एक्ट शकील अहमद खान की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में गवाही से पलटने पर पिता पुत्री और चार गवाहों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बीके राजपूत के अनुसार विगत 18 जुलाई 2005 को लहचूरा थाने में दी तहरीर में एक व्यक्ति ने बताया था कि उनकी 15 वर्षीय पुत्री शाम के वक्त शौच क्रिया से घर लौट रही थी, तभी गांव के अखिलेश प्रसाद दुबे ने उसे पकड़ लिया और पंचायत भवन में बंद कर लिया। वह दो दिन तक उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म करता रहा। गांव वालों ने उनकी पुत्री को पंचायत भवन से बाहर निकलवाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में पीड़ित, पिता, पुत्री और चार गवाह अपने बयानों से पलट गए। इस पर न्यायालय ने आरोपी को दोष मुक्त कर दिया। साथ ही पुलिस को चार गवाहों के खिलाफ मुकदमा लिखने के आदेश दिए। साथ ही जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया कि वह पीड़ित पिता पुत्री को कोई आर्थिक सहायता दी गई हो तो उसे जब्त कर लिया जाए। साथ ही दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बीके राजपूत के अनुसार विगत 18 जुलाई 2005 को लहचूरा थाने में दी तहरीर में एक व्यक्ति ने बताया था कि उनकी 15 वर्षीय पुत्री शाम के वक्त शौच क्रिया से घर लौट रही थी, तभी गांव के अखिलेश प्रसाद दुबे ने उसे पकड़ लिया और पंचायत भवन में बंद कर लिया। वह दो दिन तक उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म करता रहा। गांव वालों ने उनकी पुत्री को पंचायत भवन से बाहर निकलवाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में पीड़ित, पिता, पुत्री और चार गवाह अपने बयानों से पलट गए। इस पर न्यायालय ने आरोपी को दोष मुक्त कर दिया। साथ ही पुलिस को चार गवाहों के खिलाफ मुकदमा लिखने के आदेश दिए। साथ ही जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया कि वह पीड़ित पिता पुत्री को कोई आर्थिक सहायता दी गई हो तो उसे जब्त कर लिया जाए। साथ ही दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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