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पुलिस गंभीर नहीं, सिर्फ कागजों में ढूंढ़ा जा रहा गुर्जर
झांसी/इलाहाबाद/ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2015 12:39 AM IST
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दो लाख के इनामी फरार अपराधी सरदार सिंह गुर्जर की गिरफ्तारी में नाकाम रहने पर सूबे के आला पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट की खरी-खरी सुननी पड़ी है। पुलिस के प्रयासों को नाकाफी मानते हुए अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है सारा अभियान सिर्फ कागज पर चल रहा है। खुद को सुरक्षित करने के लिए अधिकारी खानापूर्ति कर रहे हैं। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पुलिस को एक और मोहलत देते हुए 11 नवंबर की तिथि नियत की है। इस दिन आला अधिकारियों को फिर से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने गत 14 मई 2015 को भी एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत सिंह चौधरी, आईजी कानपुर आशुतोष पांडेय, डीआईजी अजय मोहन शर्मा और एसएसपी झांसी किरण एस को तलब कर चेतावनी दी थी। सभी को 13 जुलाई को फिर से तलब किया था। आज अधिकारियों ने कोर्ट में उपस्थिति होकर प्रगति की जानकारी दी। बताया कि सरदार सिंह की गिरफ्तारी के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। एसटीएफ और स्वाट टीम की मदद ली जा रही है। सरदार सिंह के चार करीबियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें उसका बहनोई भी शामिल हैं। रिश्तेदारों के फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। डीआईजी और एसएसपी ने खुद कांबिंग की है। इसके बावजूद गुर्जर हाथ नहीं आ रहा है। अदालत ने इस जवाब पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सारा प्रयास सिर्फ कागज पर किया जा रहा है। ।
उल्लेखनीय है कि हत्या, लूट और डकैती जैसे करीब 51 गंभीर अपराधों में वांछित सरदार सिंह गुर्जर वर्ष 2011 में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसका मुकदमा मध्यप्रदेश के दतिया जिले के करेट थाने में दर्ज है। हत्या के एक मामले में सेशन कोर्ट से बरी होने के बाद सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। अपील पर सुनवाई के दौरान पता चला कि गुर्जर वर्ष 2011 से फरार है।
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पुलिस टीमों ने धनौली का जंगल घेरा
एसटीएफ और पुलिस टीमों ने सरदार सिंह के गांव धनौली जिला दतिया के जंगल में होने की भनक पर घेराबंदी कर रखी है। रविवार को पुलिस ने उसके साले के घर पर छापेमारी की, मगर वहां ताला लगा मिला। पुलिस सूत्र बताते हैं कि पुलिस टीमें मध्यप्रदेश में उसकी टोह ले रही हैं।
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हाईकोर्ट ने गत 14 मई 2015 को भी एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत सिंह चौधरी, आईजी कानपुर आशुतोष पांडेय, डीआईजी अजय मोहन शर्मा और एसएसपी झांसी किरण एस को तलब कर चेतावनी दी थी। सभी को 13 जुलाई को फिर से तलब किया था। आज अधिकारियों ने कोर्ट में उपस्थिति होकर प्रगति की जानकारी दी। बताया कि सरदार सिंह की गिरफ्तारी के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। एसटीएफ और स्वाट टीम की मदद ली जा रही है। सरदार सिंह के चार करीबियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें उसका बहनोई भी शामिल हैं। रिश्तेदारों के फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। डीआईजी और एसएसपी ने खुद कांबिंग की है। इसके बावजूद गुर्जर हाथ नहीं आ रहा है। अदालत ने इस जवाब पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सारा प्रयास सिर्फ कागज पर किया जा रहा है। ।
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उल्लेखनीय है कि हत्या, लूट और डकैती जैसे करीब 51 गंभीर अपराधों में वांछित सरदार सिंह गुर्जर वर्ष 2011 में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसका मुकदमा मध्यप्रदेश के दतिया जिले के करेट थाने में दर्ज है। हत्या के एक मामले में सेशन कोर्ट से बरी होने के बाद सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। अपील पर सुनवाई के दौरान पता चला कि गुर्जर वर्ष 2011 से फरार है।
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पुलिस टीमों ने धनौली का जंगल घेरा
एसटीएफ और पुलिस टीमों ने सरदार सिंह के गांव धनौली जिला दतिया के जंगल में होने की भनक पर घेराबंदी कर रखी है। रविवार को पुलिस ने उसके साले के घर पर छापेमारी की, मगर वहां ताला लगा मिला। पुलिस सूत्र बताते हैं कि पुलिस टीमें मध्यप्रदेश में उसकी टोह ले रही हैं।