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रिसती रही गैस, धड़कते रहे दिल
झांसी / ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2015 11:21 PM IST
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ग्वालियर रोड पर बृहस्पतिवार को एलपीजी भरे टैंकर से गैस रिसाव होने से सिमरधा व पाल कालोनी पर छायी दहशत करीब 20 घंटे बाद खत्म हो सकी। अंधकार में गैस की दुर्गंध से अनहोनी की आशंका से भयभीत लोगों ने घर से दूर खुले आसमान के नीचे रात गुजारी। वहीं, रेस्क्यू आपरेशन में सेना, पुलिस, दमकल और भारत गैस की टीमें जुटी रहीं। शुक्रवार करीब साढ़े चार बजे दूसरे टैंकर में 18 टन गैस रिफिलिंग होने के टैंकर को खड़ा करके वाहनों का आवागमन शुरू किया गया। चौतरफा जाम खुलवाने में पुलिस के पसीने छूट गए। करीब सात घंटे बाद यातायात सुचारु हो सका।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे मध्यप्रदेश की बीना रिफायनरी से गैस लेकर लखनऊ जा रहा गैस टैंकर संख्या जीजे-6जेड- 5403 ग्वालियर हाईवे से कानपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर मुड़ते समय अनियंत्रित होकर गिर गया। एक वाल्व खुलने से तीव्र ज्वलनशील एलपीजी का रिसाव होने लगा। कुछ देर में गैस फैलने लगी, जिससे सिमरथा व पाल कालोनी के लोगों का दम घुटने लगा। दहशत के चलते लोग चीख-पुकार करके घरों से बाहर भागे। सूचना पर पुलिस ने तुरंत विद्युत सप्लाई बंद कराई। दोनों ही क्षेत्र के लोगों को चूल्हे नहीं जलाने की हिदायत दी गई। दमकल के फायर टैंडर 20 घंटे तक गैस रिसाव के स्थान पर पानी की बौछार करते रहे, ताकि गैस पानी में मिलकर बहती रहे। दोपहर में हालात नाजुक होने पर पहुंची सेना ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू कर दिया। देर शाम बीना से ईआरवी (इमरजेंसी रिकवरी व्हीकल) के पहुंचने पर दूसरे टैंकर में गैस की रिफिलिंग शुरू की गई, जो शुक्रवार की सुबह साढ़े चार बजे तक चली। इसके बाद सेना ने क्रेन की मदद से टैंकर को खड़ा किया तब कहीं जाकर दोनों क्षेत्रों से तबाही की आशंका के बादल छटे। इसके बाद थाना पुलिस ने कानपुर बाईपास, रक्सा फ्लाईओवर, ग्वालियर हाईवे आदि स्थानों पर 24 घंटे से खड़े वाहनों से लगा जाम खुलवाया। शुक्रवार की सुबह नौ बजे तक यातायात सुचारु हो सका।
सेना का ‘आपरेशन भारत राहत’ कामयाब
झांसी। गैस के लगातार रिसाव से दूषित क्षेत्र में आग लगने की आशंका के चलते डीएम ने शाम करीब साढ़े पांच बजे सेना के हेड क्वार्टर से लोगों की जानमाल व संपत्ति को खतरे का हवाला देते हुए सेना से मदद मांगी। एडम कमांडेंट के जरिए स्टेशन कमांडर को आदेश मिलने पर व्हाइट टाइगर ईगल बटालियन के अधिकारियों व तकनीशियनों की क्विक रिएक्शन रिकवरी टीम ‘आपरेशन भारत राहत’ लांच करते हुए रवाना की गई। शाम करीब छह बजे सेना ने मौके पर पहुंचकर खतरनाक स्थिति में आ चुके टैंकर का जायजा लेकर आपरेशन चालू किया। इसके लिए फायर ब्रिगेड की एफएफई की सहायता ली गई। टैंकर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को देख विद्युत सप्लाई बंद कराई। करीब 20 घंटे चले आपरेशन के बाद हालात सामान्य हो सके।
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रात में गैस टैंकर चलने पर होगी कार्रवाई
झांसी। चालक के तंद्रा में टैंकर चलाने की वजह से बृहस्पतिवार को हाईवे पर गैस टैंकर पलटने की घटना के बाद एसपी सिटी राजेश कुमार ने थानेदारों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि रात 10 से सुबह साढ़े छह बजे तक गैस टैंकरों के चलने पर प्रतिबंध है। इसका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। अब यदि रात में किसी भी थाना क्षेत्र से गैस टैंकर गुजरते दिखा तो थानेदार के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि नियमानुसार रात के समय चालक का किसी सुरक्षित स्थान पर टैंकर को रोकना ही होगा।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे मध्यप्रदेश की बीना रिफायनरी से गैस लेकर लखनऊ जा रहा गैस टैंकर संख्या जीजे-6जेड- 5403 ग्वालियर हाईवे से कानपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर मुड़ते समय अनियंत्रित होकर गिर गया। एक वाल्व खुलने से तीव्र ज्वलनशील एलपीजी का रिसाव होने लगा। कुछ देर में गैस फैलने लगी, जिससे सिमरथा व पाल कालोनी के लोगों का दम घुटने लगा। दहशत के चलते लोग चीख-पुकार करके घरों से बाहर भागे। सूचना पर पुलिस ने तुरंत विद्युत सप्लाई बंद कराई। दोनों ही क्षेत्र के लोगों को चूल्हे नहीं जलाने की हिदायत दी गई। दमकल के फायर टैंडर 20 घंटे तक गैस रिसाव के स्थान पर पानी की बौछार करते रहे, ताकि गैस पानी में मिलकर बहती रहे। दोपहर में हालात नाजुक होने पर पहुंची सेना ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू कर दिया। देर शाम बीना से ईआरवी (इमरजेंसी रिकवरी व्हीकल) के पहुंचने पर दूसरे टैंकर में गैस की रिफिलिंग शुरू की गई, जो शुक्रवार की सुबह साढ़े चार बजे तक चली। इसके बाद सेना ने क्रेन की मदद से टैंकर को खड़ा किया तब कहीं जाकर दोनों क्षेत्रों से तबाही की आशंका के बादल छटे। इसके बाद थाना पुलिस ने कानपुर बाईपास, रक्सा फ्लाईओवर, ग्वालियर हाईवे आदि स्थानों पर 24 घंटे से खड़े वाहनों से लगा जाम खुलवाया। शुक्रवार की सुबह नौ बजे तक यातायात सुचारु हो सका।
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सेना का ‘आपरेशन भारत राहत’ कामयाब
झांसी। गैस के लगातार रिसाव से दूषित क्षेत्र में आग लगने की आशंका के चलते डीएम ने शाम करीब साढ़े पांच बजे सेना के हेड क्वार्टर से लोगों की जानमाल व संपत्ति को खतरे का हवाला देते हुए सेना से मदद मांगी। एडम कमांडेंट के जरिए स्टेशन कमांडर को आदेश मिलने पर व्हाइट टाइगर ईगल बटालियन के अधिकारियों व तकनीशियनों की क्विक रिएक्शन रिकवरी टीम ‘आपरेशन भारत राहत’ लांच करते हुए रवाना की गई। शाम करीब छह बजे सेना ने मौके पर पहुंचकर खतरनाक स्थिति में आ चुके टैंकर का जायजा लेकर आपरेशन चालू किया। इसके लिए फायर ब्रिगेड की एफएफई की सहायता ली गई। टैंकर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को देख विद्युत सप्लाई बंद कराई। करीब 20 घंटे चले आपरेशन के बाद हालात सामान्य हो सके।
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रात में गैस टैंकर चलने पर होगी कार्रवाई
झांसी। चालक के तंद्रा में टैंकर चलाने की वजह से बृहस्पतिवार को हाईवे पर गैस टैंकर पलटने की घटना के बाद एसपी सिटी राजेश कुमार ने थानेदारों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि रात 10 से सुबह साढ़े छह बजे तक गैस टैंकरों के चलने पर प्रतिबंध है। इसका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। अब यदि रात में किसी भी थाना क्षेत्र से गैस टैंकर गुजरते दिखा तो थानेदार के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि नियमानुसार रात के समय चालक का किसी सुरक्षित स्थान पर टैंकर को रोकना ही होगा।