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तमंचे के बल पर रेलवे टिकट विक्रेता को पीटा, लूटा
ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2015 01:54 AM IST
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झांसी। कचहरी चौराहा स्थित रेलवे के टिकट काउंटर पर सोमवार रात कार सवार हथियारबंद दबंगों ने विक्रेता से हाथापाई की। एक नेताजी का नाम लेकर उसे धमकाते हुए काउंटर से आठ सौ रुपये उठा ले गए। भयभीत पीड़ित पुलिस से शिकायत की हिम्मत भी नहीं जुटा सका।
सीपरी बाजार के मसीहागंज निवासी सुजीत पुत्र मोतीलाल सोमवार की रात कचहरी चौराहा स्थित रेलवे के काउंटर पर टिकट बेच रहा था। रात करीब सवा दस बजे तीन युवक दिल्ली का टिकट लेने आए। टिकट का भुगतान करके वह धोखे से काउंटर पर रखा हिसाब का कागज उठा ले गए।
जब सुजीत को काउंटर से हिसाब का कागज गायब व टिकट रखी मिली तो वह भौचक्का रह गया। वह टिकट लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां उसने एनाउंस करवाया, मगर कोई टिकट लेने नहीं आया। वह वापस काउंटर पर आ गया। रात करीब एक बजे कार में सवार तीन-चार लोग टिकट काउंटर पर पहुंचे, जिनमें दो तमंचा लिए थे।
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उन्होंने सुजीत से गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। एक नेताजी का नाम लेते हुए चारों युवकों ने कहा कि उसे टिकट की बजाए पर्ची थमाने की सजा भुगतनी होगी। सुजीत भयभीत होकर हाथ-पैर जोड़ने लगा, मगर उन्होंने रौब दिखाते हुए मारपीट व गाली-गलौज करनी बंद नहीं की।
इसके बाद वह न सिर्फ तीनों टिकट का पैसा बल्कि गुल्लक में रखे हिसाब के करीब आठ सौ रुपये भी उठा ले गए। यही नहीं, जाते समय धमकी दे गए कि यदि मुंह खोला तो उसकी खैर नहीं। जब मामले की जानकारी काउंटर के ठेकेदार को हुई तो उसने भी कार्रवाई नहीं करने की सलाह दी। जिसकी वजह से पीड़ित पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत तक नहीं जुटा सका।
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सीपरी बाजार के मसीहागंज निवासी सुजीत पुत्र मोतीलाल सोमवार की रात कचहरी चौराहा स्थित रेलवे के काउंटर पर टिकट बेच रहा था। रात करीब सवा दस बजे तीन युवक दिल्ली का टिकट लेने आए। टिकट का भुगतान करके वह धोखे से काउंटर पर रखा हिसाब का कागज उठा ले गए।
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जब सुजीत को काउंटर से हिसाब का कागज गायब व टिकट रखी मिली तो वह भौचक्का रह गया। वह टिकट लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां उसने एनाउंस करवाया, मगर कोई टिकट लेने नहीं आया। वह वापस काउंटर पर आ गया। रात करीब एक बजे कार में सवार तीन-चार लोग टिकट काउंटर पर पहुंचे, जिनमें दो तमंचा लिए थे।
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उन्होंने सुजीत से गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। एक नेताजी का नाम लेते हुए चारों युवकों ने कहा कि उसे टिकट की बजाए पर्ची थमाने की सजा भुगतनी होगी। सुजीत भयभीत होकर हाथ-पैर जोड़ने लगा, मगर उन्होंने रौब दिखाते हुए मारपीट व गाली-गलौज करनी बंद नहीं की।
इसके बाद वह न सिर्फ तीनों टिकट का पैसा बल्कि गुल्लक में रखे हिसाब के करीब आठ सौ रुपये भी उठा ले गए। यही नहीं, जाते समय धमकी दे गए कि यदि मुंह खोला तो उसकी खैर नहीं। जब मामले की जानकारी काउंटर के ठेकेदार को हुई तो उसने भी कार्रवाई नहीं करने की सलाह दी। जिसकी वजह से पीड़ित पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत तक नहीं जुटा सका।