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शिक्षक के हत्यारों का सुराग नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:51 AM IST
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murder case, jhansi news
- फोटो : demo
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शिवाजी नगर में 31 दिसंबर की रात शिक्षक अंकुर शर्मा की तीन मंजिल से फेंककर हत्या करने वालों का अभी तक पुलिस पता नहीं कर सकी है जबकि पार्टी में शामिल छात्र पुलिस हिरासत में तीन दिन से हैं। पुलिस अभी तक स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि अंकुर को फेंका गया अथवा वह खुद कूदा।
ककरबई के सेगुवां गांव निवासी अंकुर शर्मा उल्दन के इमलिया स्थित स्कूल में शिक्षक था। वह दिनेश रावत के हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर रह रहा था। 31 दिसंबर की रात को नये साल की पार्टी के दौरान हुए विवाद में अंकुर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। जब वह बचकर अपने कमरे में भागा तो वहां की बालकनी से फेंककर मौत के घाट उतार दिया गया। अंकुर की बेरहमी से पिटाई की गई जिसकी पुष्टि पार्टी वाले कमरे के फर्श और दीवारों पर लगा खून गवाही दे रहा है। हत्या की रिपोर्ट लिखने के बाद पुलिस ने हास्टल और पार्टी में शामिल छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की मगर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।
इसके बाद पुलिस ने कालोनी में रहने वाले युवकों व छात्रों को भी हिरासत में लिया मगर यह अभी तक साफ नहीं हो सका है कि किस वजह से एकजुट होकर आए युवकों ने अंकुर को ही निशाना बनाकर मारपीट क्यों की और हमलावर कोन थे? बृहस्पतिवार को नवाबाद थाना पुलिस व स्वाट टीम ने फिर घटनास्थल का मुआयना किया। स्वाट टीम ने वहां के मोबाइल टावर से संदिग्ध मोबाइल नंबरों को लिया।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया का कहना है कि हिरासत में लिए गए छात्र व युवकों से पूछताछ की जा रही है। अभी पता नहीं चल सका है कि हमला करने वाले कौन थे? और क्या हमला किया गया, इसकी भी जानकारी की जा रही है।
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ककरबई के सेगुवां गांव निवासी अंकुर शर्मा उल्दन के इमलिया स्थित स्कूल में शिक्षक था। वह दिनेश रावत के हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर रह रहा था। 31 दिसंबर की रात को नये साल की पार्टी के दौरान हुए विवाद में अंकुर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। जब वह बचकर अपने कमरे में भागा तो वहां की बालकनी से फेंककर मौत के घाट उतार दिया गया। अंकुर की बेरहमी से पिटाई की गई जिसकी पुष्टि पार्टी वाले कमरे के फर्श और दीवारों पर लगा खून गवाही दे रहा है। हत्या की रिपोर्ट लिखने के बाद पुलिस ने हास्टल और पार्टी में शामिल छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की मगर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।
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इसके बाद पुलिस ने कालोनी में रहने वाले युवकों व छात्रों को भी हिरासत में लिया मगर यह अभी तक साफ नहीं हो सका है कि किस वजह से एकजुट होकर आए युवकों ने अंकुर को ही निशाना बनाकर मारपीट क्यों की और हमलावर कोन थे? बृहस्पतिवार को नवाबाद थाना पुलिस व स्वाट टीम ने फिर घटनास्थल का मुआयना किया। स्वाट टीम ने वहां के मोबाइल टावर से संदिग्ध मोबाइल नंबरों को लिया।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया का कहना है कि हिरासत में लिए गए छात्र व युवकों से पूछताछ की जा रही है। अभी पता नहीं चल सका है कि हमला करने वाले कौन थे? और क्या हमला किया गया, इसकी भी जानकारी की जा रही है।