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कानपुर यूपी-100 का सिपाही गिरफ्तार
Jhansi
Updated Sat, 04 Feb 2017 01:30 AM IST
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कानपुर यूपी-100 का सिपाही गिरफ्तार
- फोटो : demo
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नवाबाद थाने के मालखाने से 494 सरकारी कारतूस के गायब करने के मामले में पुलिस ने कानपुर की यूपी-100 में तैनात सिपाही को शुक्रवार की दोपहर कचहरी के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
कानपुर की यूपी-100 सेवा में तैनात सिपाही रामऔतार एक मुकदमे की पेशी पर झांसी अदालत आया हुआ था। उस पर नवाबाद थाने में 494 कारतूस गायब करने का भी आरोप है। इस मामले में वह बुलाने पर भी अदालत नहीं आ रहा था। कोर्ट ने उसके वारंट कर रखे थे। शुक्रवार को रामऔतार तारीख निपटा कर जा रहा था। कलेक्ट्रेट में चल रही नामांकन की प्रक्रिया के कारण वहां लगे बैरियर पर तैनात नवाबाद थाना प्रभारी बीएल यादव को देखकर वह रुक गया। पहचान होने के कारण उसने नमस्कार की। जैसे ही थाना प्रभारी ने रामऔतार को देखा उन्होंने उसे कारतूस गायब करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया। उसे मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
मालूम हो कि कानपुर में तैनात रामऔतार और आजमगढ़ में तैनात सिपाही मानिकराज वर्ष 2012-13 में नवाबाद थाने में मुंशी के पद पर तैनात थे। इस दौरान नवाबाद थाने के मालखाने से 494 सरकारी कारतूस गायब कर दिए गए थे। जांच में खुलासा हुआ था कि कारतूसों को गायब करने में मुंशी रामऔतार और मानिकराज जिम्मेदार हैं। इस पर नवाबाद थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक कुमार चतुर्वेदी ने चार अप्रैल 2014 को रामऔतार व मानिकराज के खिलाफ सरकारी संपत्ति आर्म्स एम्युनेशन का गबन करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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कानपुर की यूपी-100 सेवा में तैनात सिपाही रामऔतार एक मुकदमे की पेशी पर झांसी अदालत आया हुआ था। उस पर नवाबाद थाने में 494 कारतूस गायब करने का भी आरोप है। इस मामले में वह बुलाने पर भी अदालत नहीं आ रहा था। कोर्ट ने उसके वारंट कर रखे थे। शुक्रवार को रामऔतार तारीख निपटा कर जा रहा था। कलेक्ट्रेट में चल रही नामांकन की प्रक्रिया के कारण वहां लगे बैरियर पर तैनात नवाबाद थाना प्रभारी बीएल यादव को देखकर वह रुक गया। पहचान होने के कारण उसने नमस्कार की। जैसे ही थाना प्रभारी ने रामऔतार को देखा उन्होंने उसे कारतूस गायब करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया। उसे मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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मालूम हो कि कानपुर में तैनात रामऔतार और आजमगढ़ में तैनात सिपाही मानिकराज वर्ष 2012-13 में नवाबाद थाने में मुंशी के पद पर तैनात थे। इस दौरान नवाबाद थाने के मालखाने से 494 सरकारी कारतूस गायब कर दिए गए थे। जांच में खुलासा हुआ था कि कारतूसों को गायब करने में मुंशी रामऔतार और मानिकराज जिम्मेदार हैं। इस पर नवाबाद थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक कुमार चतुर्वेदी ने चार अप्रैल 2014 को रामऔतार व मानिकराज के खिलाफ सरकारी संपत्ति आर्म्स एम्युनेशन का गबन करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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