{"_id":"5762f7c64f1c1b144311c379","slug":"fir-re-at-home-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब घर बैठे करिए एफआईआर ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अब घर बैठे करिए एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:32 AM IST
विज्ञापन
ssp manoj tiwari, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। अब आप शीघ्र ही घर बैठे ई-पुलिस स्टेशन में ऑन लाइन एफआईआर दर्ज करवा सकेंगे। आईजी के निर्देश पर झांसी पुलिस ने खाका तैयार कर लिया है। फिलहाल बेहद गंभीर मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी। ई-पुलिस स्टेशन लखनऊ में खुला है, जिसका सर्वर झांसी से जोड़ दिया जाएगा। ई-पुलिस स्टेशन के जरिए संबंधित थाने में एफआईआर पहुंच जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी ने बताया कि ई-पुलिस स्टेशन का मकसद लोगों को बिना पुलिस स्टेशन गए एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा देना है। अधिकांश हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में बसा है, जिनमें इंटरनेट और इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों की उपलब्धता बहुत तेजी से बढ़ रही है।
कई गांव थानों से काफी दूर हैं, जहां से लोगों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने आना पड़ता है। थानेदार के नहीं मिलने पर घंटों इंतजार भी करना पड़ता है। यही कारण है कि ऑन लाइन एफआईआर की सुविधा दी जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया ई-पुलिस स्टेशन प्रथम चरण में वे सभी एफआईआर को दर्ज किया करेगा जिसमें अभियुक्त अज्ञात हो। अपराध गंभीर प्रवृत्ति का नहीं हो। बलात्कार, बैंक लूट, बस
लूट, डकैती, सांप्रदायिक और जातिगत झगड़े आदि दर्ज नहीं किए जाएंगे।
ई-पुलिस स्टेशन पर मुकदमा पंजीकृत करते समय प्रत्येक थाने का क्रमांक 7001 से 9999 तक अपराध संख्या के रूप में दर्ज किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी थाने में 7000 से अधिक अपराध पंजीकृत नहीं किए जाते हैं।
ई-पुलिस स्टेशन पर दर्ज रिपोर्ट की विवेचना संबंधित पुलिस स्टेशन करेगा। उन्होंने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए हेल्प लाइन भी प्रदान की जाएगी। लखनऊ मुख्यालय से आदेश आते ही यह सुविधा मुहैया करवा दी जाएगी।
विज्ञापन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी ने बताया कि ई-पुलिस स्टेशन का मकसद लोगों को बिना पुलिस स्टेशन गए एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा देना है। अधिकांश हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में बसा है, जिनमें इंटरनेट और इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों की उपलब्धता बहुत तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन
कई गांव थानों से काफी दूर हैं, जहां से लोगों को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने आना पड़ता है। थानेदार के नहीं मिलने पर घंटों इंतजार भी करना पड़ता है। यही कारण है कि ऑन लाइन एफआईआर की सुविधा दी जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया ई-पुलिस स्टेशन प्रथम चरण में वे सभी एफआईआर को दर्ज किया करेगा जिसमें अभियुक्त अज्ञात हो। अपराध गंभीर प्रवृत्ति का नहीं हो। बलात्कार, बैंक लूट, बस
लूट, डकैती, सांप्रदायिक और जातिगत झगड़े आदि दर्ज नहीं किए जाएंगे।
ई-पुलिस स्टेशन पर मुकदमा पंजीकृत करते समय प्रत्येक थाने का क्रमांक 7001 से 9999 तक अपराध संख्या के रूप में दर्ज किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी थाने में 7000 से अधिक अपराध पंजीकृत नहीं किए जाते हैं।
ई-पुलिस स्टेशन पर दर्ज रिपोर्ट की विवेचना संबंधित पुलिस स्टेशन करेगा। उन्होंने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए हेल्प लाइन भी प्रदान की जाएगी। लखनऊ मुख्यालय से आदेश आते ही यह सुविधा मुहैया करवा दी जाएगी।