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ईश्वर के भरोसे पर काटा हर दिन
amarujala
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:02 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। अगवा सराफा कारोबारी राजू कमरया और राहुल अग्रवाल के परिजनों के पिछले पंद्रह दिन जीवन के सबसे कठोर रहे। उनका हर दिन पहाड़ से गुजरा। मंगलवार की रात दोनों के सकुशल मुक्त होने की जानकारी होने पर उन्होंने राहत की सांस ली। बुधवार को दिन भर उनके आने का इंतजार रहा।
राहुल अग्रवाल की मां कुसुम अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो सप्ताह उनकी जिंदगी के कठोर गुजरे। लेकिन, विश्वास था की उनका बेटे की सकुशल वापसी होगी। भगवान पर पूरा भरोसा रहा। हर समय दरवाजे पर ही निगाह लगी रहती थी कि अब बेटा आएगा और दरवाजा खटखटाएगा। परिवार में किसी को भी खाने पीने का होश नहीं रहा। यहां तक कि कभी - कभी चूल्हा भी नहीं जला। भगवान का शुक्र है कि वह सकुशल वापस हा रहा है। वहीं, राजू कमरया की पत्नी सुलेख अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो सप्ताह का हर दिन पहाड़ से गुजरा। जब भी घर की घंटी बजती थी, लगता था वो आ गए। लेकिन, पिछले चार - पांच दिन से चिंता ज्यादा बढ़ गई थी। क्योंकि, कहीं से भी उनके बारे में कोई ठोस सूचना नहीं आ रही थी। इन दिनों में भगवान ने ही भरोसा दिया। पूजा पाठ कर समय गुजारा। पंद्रह दिन बाद मंगलवार की रात उनकी आवाज सुनने को मिली। जीवन की यह सबसे बड़ी खुशी रही है।
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राहुल अग्रवाल की मां कुसुम अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो सप्ताह उनकी जिंदगी के कठोर गुजरे। लेकिन, विश्वास था की उनका बेटे की सकुशल वापसी होगी। भगवान पर पूरा भरोसा रहा। हर समय दरवाजे पर ही निगाह लगी रहती थी कि अब बेटा आएगा और दरवाजा खटखटाएगा। परिवार में किसी को भी खाने पीने का होश नहीं रहा। यहां तक कि कभी - कभी चूल्हा भी नहीं जला। भगवान का शुक्र है कि वह सकुशल वापस हा रहा है। वहीं, राजू कमरया की पत्नी सुलेख अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो सप्ताह का हर दिन पहाड़ से गुजरा। जब भी घर की घंटी बजती थी, लगता था वो आ गए। लेकिन, पिछले चार - पांच दिन से चिंता ज्यादा बढ़ गई थी। क्योंकि, कहीं से भी उनके बारे में कोई ठोस सूचना नहीं आ रही थी। इन दिनों में भगवान ने ही भरोसा दिया। पूजा पाठ कर समय गुजारा। पंद्रह दिन बाद मंगलवार की रात उनकी आवाज सुनने को मिली। जीवन की यह सबसे बड़ी खुशी रही है।
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