{"_id":"57f404504f1c1b8d32270cb7","slug":"dig-and-ssp-command-in-the-air","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीआईजी व एसएसपी के आदेश हवा में","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डीआईजी व एसएसपी के आदेश हवा में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
police, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी।
डीआईजी शरद सचान और एसएसपी अब्दुल हमीद के आदेश के बावजूद थानों पर संबद्ध पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में आमद (तैनाती) नहीं करवा रहे हैं। डीआईजी ने अल्टीमेटम दिया है कि एक सप्ताह में लाइन नहीं जाने वाले पुलिसकर्मियों की संबद्धता खत्म कर संबंधित जिलों में भेज दिया जाएगा।
करीब दो दर्जन पुलिसकर्मियों ने बाहरी जनपदों में स्थानांतरण होने पर पारिवारिक समस्या बताकर डीआईजी से जिले में संबद्धता करवाई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि स्थानांतरित पुलिसकर्मी उन्हीं थानों व कार्यालयों में तैनात रहे, जहां से स्थानांतरण हुआ था, जबकि नियमानुसार उन्हें लाइन में तैनात रहना चाहिए।
पिछले दिनों जब इसकी जानकारी डीआईजी को हुई तो उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर संबद्ध पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में तैनात करने के आदेश दिए। इस पर एसएसपी ने भी संबंधित थानेदारों व कार्यालय प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से डीआईजी के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए मगर अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
पुलिस सूत्र बताते हैं कि डीआईजी और एसएसपी के आदेशों के बावजूद पुलिस लाइन में आमद नहीं कराने वालों में एसआई महेंद्र कुमार पटेल (डीसीआरबी), एससीपी शकील अहमद (प्रेमनगर), एचसीपी अनीस अहमद (सीओ सिटी कार्यालय), एचसीपी अशेष कुमार (नवाबाद), एचसीपी जगत सिंह यादव (महिला थानाध्यक्ष), एचसीपी बलराम तिवारी (महिला थानाध्यक्ष), एससीपी सौ प्रसाद (सीपरी बाजार से नवाबाद स्थानांतरित), मनोज कुमार (सीओ मोंठ), पंकज कुमार (सीओ सिटी), धनीराम यादव (सीपरी बाजार), नीरज संध्या (अपील शाखा), धीरेंद्र यादव (प्रेमनगर), अखिलेश यादव (पुलिस कार्यालय), कृष्णराज सिंह (मोंठ) हैं।
एसएसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि डीआईजी का आदेश आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से संबद्ध पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में आमद करने के आदेश दिए थे। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी शरद सचान का कहना है कि उनके आदेश को एक पखवाड़ा हो चुका है। यदि संबंधितों ने पुलिस लाइन में आमद नहीं करवाई है, तो उनकी संबद्धता तत्काल प्रभाव से खत्म करके संबंधित जिले में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
डीआईजी शरद सचान और एसएसपी अब्दुल हमीद के आदेश के बावजूद थानों पर संबद्ध पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में आमद (तैनाती) नहीं करवा रहे हैं। डीआईजी ने अल्टीमेटम दिया है कि एक सप्ताह में लाइन नहीं जाने वाले पुलिसकर्मियों की संबद्धता खत्म कर संबंधित जिलों में भेज दिया जाएगा।
करीब दो दर्जन पुलिसकर्मियों ने बाहरी जनपदों में स्थानांतरण होने पर पारिवारिक समस्या बताकर डीआईजी से जिले में संबद्धता करवाई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि स्थानांतरित पुलिसकर्मी उन्हीं थानों व कार्यालयों में तैनात रहे, जहां से स्थानांतरण हुआ था, जबकि नियमानुसार उन्हें लाइन में तैनात रहना चाहिए।
विज्ञापन
पिछले दिनों जब इसकी जानकारी डीआईजी को हुई तो उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर संबद्ध पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में तैनात करने के आदेश दिए। इस पर एसएसपी ने भी संबंधित थानेदारों व कार्यालय प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से डीआईजी के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए मगर अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
पुलिस सूत्र बताते हैं कि डीआईजी और एसएसपी के आदेशों के बावजूद पुलिस लाइन में आमद नहीं कराने वालों में एसआई महेंद्र कुमार पटेल (डीसीआरबी), एससीपी शकील अहमद (प्रेमनगर), एचसीपी अनीस अहमद (सीओ सिटी कार्यालय), एचसीपी अशेष कुमार (नवाबाद), एचसीपी जगत सिंह यादव (महिला थानाध्यक्ष), एचसीपी बलराम तिवारी (महिला थानाध्यक्ष), एससीपी सौ प्रसाद (सीपरी बाजार से नवाबाद स्थानांतरित), मनोज कुमार (सीओ मोंठ), पंकज कुमार (सीओ सिटी), धनीराम यादव (सीपरी बाजार), नीरज संध्या (अपील शाखा), धीरेंद्र यादव (प्रेमनगर), अखिलेश यादव (पुलिस कार्यालय), कृष्णराज सिंह (मोंठ) हैं।
एसएसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि डीआईजी का आदेश आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से संबद्ध पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में आमद करने के आदेश दिए थे। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी शरद सचान का कहना है कि उनके आदेश को एक पखवाड़ा हो चुका है। यदि संबंधितों ने पुलिस लाइन में आमद नहीं करवाई है, तो उनकी संबद्धता तत्काल प्रभाव से खत्म करके संबंधित जिले में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।