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अभिरक्षा से भागा इनामी हत्यारोपी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 May 2016 01:21 AM IST
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झांसी। कचहरी परिसर से 21 मई को पुलिस अभिरक्षा से भागा पांच हजार रुपये का इनामी हत्यारोपी शुक्रवार की दोपहर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कड़ाई से पूछताछ में उसने बताया कि उसकी मां की तबियत खराब थी, जिसकी वजह से वह भागकर बबीना गया था।
ज्ञातव्य हो कि बबीना के गांव नया खेड़ा में कटिया डालने को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा था। 15 जुलाई 2015 को वीपी सिंह, पवन सिंह व चार्ली पुत्रगण राम प्रसाद ने पीट-पीटकर दलित शिवदयाल को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने वीपी सिंह व पवन सिंह को जेल और चार्ली को बच्चा जेल भेज दिया था। 21 मई को वीपी सिंह व पवन की कोर्ट में तारीख थी। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस अभिरक्षा में उन्हें कचहरी के बंदी गृह लाया गया। इस बीच मौका पाकर वीपी सिंह सिपाही को धक्का मारकर भाग गया। तब से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर में पुलिस टीम प्लेट फार्म नंबर एक पर बम की तलाश कर रही थी, तभी पुलिस को देखकर एक युवक भागने लगा। शक होने पर जब पकड़कर उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम वीपी सिंह बताया जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वीपी सिंह ने बताया कि जेल में उसे पता चला कि उसकी मां की तबियत खराब चल रही है। वह मां से मिलना चाहता था, मगर मिल नहीं पा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए हैं। हत्यारोपी ने बताया कि वह मुंबई जा रहा था, यहां पर वारदात कर धनराशि कमाने की बात कबूली है।
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ज्ञातव्य हो कि बबीना के गांव नया खेड़ा में कटिया डालने को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा था। 15 जुलाई 2015 को वीपी सिंह, पवन सिंह व चार्ली पुत्रगण राम प्रसाद ने पीट-पीटकर दलित शिवदयाल को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने वीपी सिंह व पवन सिंह को जेल और चार्ली को बच्चा जेल भेज दिया था। 21 मई को वीपी सिंह व पवन की कोर्ट में तारीख थी। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस अभिरक्षा में उन्हें कचहरी के बंदी गृह लाया गया। इस बीच मौका पाकर वीपी सिंह सिपाही को धक्का मारकर भाग गया। तब से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
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एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर में पुलिस टीम प्लेट फार्म नंबर एक पर बम की तलाश कर रही थी, तभी पुलिस को देखकर एक युवक भागने लगा। शक होने पर जब पकड़कर उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम वीपी सिंह बताया जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वीपी सिंह ने बताया कि जेल में उसे पता चला कि उसकी मां की तबियत खराब चल रही है। वह मां से मिलना चाहता था, मगर मिल नहीं पा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए हैं। हत्यारोपी ने बताया कि वह मुंबई जा रहा था, यहां पर वारदात कर धनराशि कमाने की बात कबूली है।
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