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साइबर क्राइम का शिकार बना एक और रेल कर्मचारी

Wed, 19 Oct 2016 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 19 Oct 2016 12:57 AM IST
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A victim of cyber crime and rail staff
crime news jhansi - फोटो : demo pic
रेलवे स्टेशन की एसबीआई शाखा के खाताधारक रेल कर्मचारी हरीशंकर साहू के अकाउंट से 1.18 लाख रुपये की नकदी निकाल ली गई है। यह रकम कानपुर व विदिशा के एटीएम से निकाली गई है। इससे पहले भी कई रेल कर्मचारी साइबर अपराध का शिकार बन चुके हैं।
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रेलवे कॉलोनी निवासी हरिशंकर साहू पीडब्लूआई के पद पर कार्यरत है। उन्होंने अपना एकाउंट स्टेशन पर स्थित एसबीआई की ब्रांच में खुलवा रखा है। सोमवार की शाम करीब चार बजे उन्होंने स्टेशन ब्रांच पर लगे एटीएम से 40 हजार रुपये निकाले। इसके बाद जब मंगलवार की दोपहर उन्होंने मोबाइल पर मेसेज चेक किए तो उनको देखकर वह दंग रह गए। उनके मोबाइल पर एटीएम से 40 हजार निकाले जाने व एकाउंट से 78,500 रुपये ट्रांसफर होने के मेसेज पड़ हुए थे। खाते से बची राशि भी न चली जाए, इसके लिए उन्होंने तुरंत स्टेशन ब्रांच के अधिकारियों से संपर्क एकाउंट लॉक कराया। इस दौरान जांच कर बैंक अधिकारियों ने उन्हें बताया कि रात 12.30 बजे से सुबह चार बजे के बीच कानपुर स्थित गन फैक्ट्री के पास लगी एटीएम मशीन से 40 हजार रुपये व बाकी रुपये मध्य प्रदेश के विदिशा शाखा में खुले सचिन बघेल के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। सचिन बघेल का एकाउंट खोलकर देखा गया, तो वह खाली पाया, उसमें से रुपये निकाल लिए गए थे। इसके बाद पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत नवाबाद थाना पुलिस से की।
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‘शिकायत उनके संज्ञान आ गई है। बुधवार से वह सर्विलांस की पूरी टीम इस मामले की जांच में लगा देंगे। जल्द ही धोखाधड़ी करने वालों का पता लगा लिया जाएगा।’
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- अब्दुल हमीद, एसएसपी

एसबीआई ने बंद कराया एटीएम
खाताधारकों के साथ फ्राड के एक के बाद एक मामले सामने आने के बाद एसबीआई ने अपना स्टेशन पर लगा एटीएम बूथ बंद कर दिया है। एसबीआई के रीजनल मैनेजर आर के वर्मा ने बताया कि हम चाहते हैं कि जल्द ही सच सामने आए। चूंकि, यह आपराधिक मामला है, इस कारण पुलिस ही मामले की जांच करेगी। हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे। बैंक प्रबंधन भी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहा है।

फ्राड होने पर लॉक कराए अकाउंट
फ्राड होने पर तत्काल अपने बैंक अकाउंट को लॉक करा दें, ताकि खाते में शेष पड़ी रकम बचाई जा सके। खाता लॉक कराने के लिए तत्काल बैंक के टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें। यह नंबर बैंक शाखाओं व एटीएम बूथ पर लिखे रहते हैं। इसके अलावा बैंक कार्य अवधि में मैनेजर से मिलकर अकाउंट लॉक कराया जा सकता है।

यह मामले आ चुके हैं सामने
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- पांच अक्तूबर को मेंहदी बाग निवासी रेलकर्मी विनीत के खाते से कानपुर में लगी एक एटीएम मशीन से 31,200 रुपये निकाल लिए गए।
- छह अक्तूबर को खाती बाबा निवासी रेलकर्मी मनोज श्रीधर के खाते से कानपुर में लगी एटीएम मशीन से 80 हजार रुपये निकाले गए।
- आठ अक्तूबर को विवेकानंद कॉलोनी सिविल लाइन निवासी रेलकर्मी योगेश कुमार के खाते से लखनऊ में लगी एक एटीएम मशीन से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा उनके खाते से मप्र के धार स्थित एसबीआई की शाखा में हेमंत माइकल के खाते में 13 हजार ट्रांसफर हुए।

- विगत आठ अक्तूबर को रेलवे कॉलोनी निवासी रामप्रकाश मीना के खाते से लखनऊ में एटीएम से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। साथ ही उनके खाते से धार की एसबीआई की शाखा में हेमंत माइकल के खाते में 3500 रुपये ट्रांसफर किए गए।


ऐसे हो हैक हो सकता है बैंक एकाउंट
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- हैकर फेसबुक से आपका नाम व जन्म की तारीख प्राप्त कर लेता है।
- इस जानकारी को इनकम टैक्स विभाग की साइड पर जाकर अपडेट करता है। वहां से पेन कार्ड व मोबाइल नंबर प्राप्त कर लेता है।
- इसके बाद डुप्लीकेट पेनकार्ड बनवा लेता है।
- पुलिस थाने में मोबाइल चोरी हो जाने की सूचना देता है।
- डुप्लीकेट पेनकार्ड ले जाकर मोबाइल कंपनी से आपके नंबर का सिम कार्ड निकलवा लेता है।
- इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से बैंक एकाउंट में छेड़छाड़ करता है।
- बैंक की साइट पर जाकर फोरगेट माई पासवर्ड के आप्शन पर जाता है।
- इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग का पिन प्राप्त कर लेता है और आपके बैंक एकाउंट से पैसे उड़ा लेता है।
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