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Ghaziabad News: 54 क्विंटल सिंथेटिक पनीर पकड़ा, दिल्ली में खपाना था
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हापुड़। मुरादाबाद और संभल से मिनी ट्रकों में भरकर दिल्ली में खपत के लिए जा रहे 54 क्विंटल सिंथेटिक पनीर को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बुधवार की रात चेकिंग के दौरान छिजारसी टोल प्लाजा पर पकड़ लिया। टीम ने करीब 11.34 लाख रुपये की कीमत के पनीर को नष्ट करवा दिया। टीम ने पनीर के पांच और दूध के तीन नमूने प्रयोगशाला भेजे हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सिंथेटिक पनीर प्राकृतिक तरीके से तैयार नहीं होता है। इसमें वनस्पति तेल, स्टार्च, दूध पाउडर और अन्य गाढ़ा करने वाले पदार्थों का इस्तेमाल कर पनीर जैसी बनावट दी जाती है। इस पनीर के इस्तेमाल से लोग पेट और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज बन रहे हैं।
दिल्ली, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में डिमांड के मुकाबले शुद्ध पनीर बहुत कम मात्रा में तैयार होता है। इसलिए अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, मेरठ और बरेली जैसे जिलों से मिनी ट्रकों में अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में सिंथेटिक पनीर भरकर दिल्ली की मंडी में आपूर्ति हो रही है। यहां से पनीर को दुकानों पर बिक्री के लिए भेजा जा रहा है।
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मात्र 120 से 140 रुपये किलोग्राम तक में यह मिलावटी पनीर बन रहा है, जबकि इसकी बिक्री 250 से 300 रुपये किग्रा तक होती है।
मुनाफा दोगुना होने के कारण ही मिलावटखोर और अन्य मिलकर इस पनीर की बाजार में जमकर आपूर्ति कर रहे हैं। सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि बुधवार की रात छिजारसी टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान मुरादाबाद से आ रहे दो और संभल से आ रहे एक मिनी ट्रक में वाहनों की चेकिंग के दौरान मिलावटी पनीर मिला है।
वाहनों में करीब 54 क्विंटल पनीर प्लास्टिक के गंदे कंटेनरों में अखाद्य बर्फ के साथ रखा हुआ था। कार्रवाई के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामप्रसाद गंगवार, सोमेंद्र सिंह पंघाल, मोहित कुमार, सहरिश सादात मौजूद रहे।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार सिंथेटिक पनीर प्राकृतिक तरीके से तैयार नहीं होता है। इसमें वनस्पति तेल, स्टार्च, दूध पाउडर और अन्य गाढ़ा करने वाले पदार्थों का इस्तेमाल कर पनीर जैसी बनावट दी जाती है। इस पनीर के इस्तेमाल से लोग पेट और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज बन रहे हैं।
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दिल्ली, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में डिमांड के मुकाबले शुद्ध पनीर बहुत कम मात्रा में तैयार होता है। इसलिए अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, मेरठ और बरेली जैसे जिलों से मिनी ट्रकों में अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में सिंथेटिक पनीर भरकर दिल्ली की मंडी में आपूर्ति हो रही है। यहां से पनीर को दुकानों पर बिक्री के लिए भेजा जा रहा है।
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मात्र 120 से 140 रुपये किलोग्राम तक में यह मिलावटी पनीर बन रहा है, जबकि इसकी बिक्री 250 से 300 रुपये किग्रा तक होती है।
मुनाफा दोगुना होने के कारण ही मिलावटखोर और अन्य मिलकर इस पनीर की बाजार में जमकर आपूर्ति कर रहे हैं। सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि बुधवार की रात छिजारसी टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान मुरादाबाद से आ रहे दो और संभल से आ रहे एक मिनी ट्रक में वाहनों की चेकिंग के दौरान मिलावटी पनीर मिला है।
वाहनों में करीब 54 क्विंटल पनीर प्लास्टिक के गंदे कंटेनरों में अखाद्य बर्फ के साथ रखा हुआ था। कार्रवाई के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामप्रसाद गंगवार, सोमेंद्र सिंह पंघाल, मोहित कुमार, सहरिश सादात मौजूद रहे।