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फर्जी फंसाए जाने का लगाया आरोप
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कारोबारी ने लगाया फर्जी फंसाने का आरोप
झांसी। कारोबारी संजय वर्मा पर एक महिला ने अपनी पुत्री के अपहरण का आरोप लगाया है। इस मामले में शनिवार को कारोबारी के परिजनों ने एसएसपी से भेंट कर आरोप को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
कोतवाली के बड़ाबाजार वासुदेव मोहल्ला निवासी कारोबारी संजय वर्मा के परिजनों ने एसएसपी को बताया कि नवाबाद थाने में महिला द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर पूरी तरह फर्जी है। उनको बदनाम करने की नीयत से एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि महिला एक कार्यक्रम में मिली थी। महिला ने उनका मोबाइल नंबर लिया था। उसने फोन कर बताया था कि उसके बड़े नेताओं से संबंध है, वह लोगों की नौकरी लगवाने के साथ एमएलसी भी बनवा सकती है। वह उसकी बाताें में आकर विश्वास करने लगे। एमएलसी बनने और 12 लोगों की नौैकरी लगवाने की बातों में आकर 17 जनवरी से 26 अप्रैल 2018 तक कुल साढ़े अठारह लाख आरटीजीएस के माध्यम से एक बैंक के खाते से एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद महिला को 16 लाख रुपये नकद भी दिए थे। पुलिस ने बेवजह उन पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके पहले वे 21 अप्रैल को कोतवाली, नवाबाद के साथ एक मई को मुख्यमंत्री पोर्टल पर इस प्रकरण की शिकायत कर चुके हैं। परिजनों ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
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झांसी। कारोबारी संजय वर्मा पर एक महिला ने अपनी पुत्री के अपहरण का आरोप लगाया है। इस मामले में शनिवार को कारोबारी के परिजनों ने एसएसपी से भेंट कर आरोप को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
कोतवाली के बड़ाबाजार वासुदेव मोहल्ला निवासी कारोबारी संजय वर्मा के परिजनों ने एसएसपी को बताया कि नवाबाद थाने में महिला द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर पूरी तरह फर्जी है। उनको बदनाम करने की नीयत से एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि महिला एक कार्यक्रम में मिली थी। महिला ने उनका मोबाइल नंबर लिया था। उसने फोन कर बताया था कि उसके बड़े नेताओं से संबंध है, वह लोगों की नौकरी लगवाने के साथ एमएलसी भी बनवा सकती है। वह उसकी बाताें में आकर विश्वास करने लगे। एमएलसी बनने और 12 लोगों की नौैकरी लगवाने की बातों में आकर 17 जनवरी से 26 अप्रैल 2018 तक कुल साढ़े अठारह लाख आरटीजीएस के माध्यम से एक बैंक के खाते से एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद महिला को 16 लाख रुपये नकद भी दिए थे। पुलिस ने बेवजह उन पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके पहले वे 21 अप्रैल को कोतवाली, नवाबाद के साथ एक मई को मुख्यमंत्री पोर्टल पर इस प्रकरण की शिकायत कर चुके हैं। परिजनों ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
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