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सड़क पर हुए प्रसव में मजिस्ट्रियल जॉच के बाद ==============कार्रवाई
Updated Fri, 29 Jun 2018 02:16 AM IST
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सड़क पर हुए प्रसव में दोषी नर्स पर होगी कार्रवाई
अधीक्षक को कड़ी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। बीते 24 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप सड़क पर हुए प्रसव में मजिस्ट्रियल जांच के बाद दोषी नर्स पर विभागीय कार्रवाई और चिकित्सा अधीक्षक तालबेहट को कड़ी चेतावनी जारी करने की संस्तुति की गई।
बताते चले कि 24 अप्रैल 18 को थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम हर्षपुर मजरा खदरी निवासी लक्ष्मन सहरिया की पत्नी द्रोपती को प्रसव पीड़ा के चलते दोपहर दो बजे सीएचसी तालबेहट में लाया गया था। उस समय ड्यूटी पर तैनात नर्स कमला सिंह ने प्रसव के मामले में हीलाहवाली करते हुए उसे भगा लिया। इसके बाद अपने घर जाते समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लगभग 500 मीटर की दूरी पर उसका प्रसव सड़क पर हो गया। इसके बाद उसके साथ चल रही आशा उसे मरणासन्न अवस्था में सीएचसी तक लाई। पहले से खून की कमी झेल रही प्रसूता अधिक रक्त वह जाने के से मरणासन्न अवस्था में आ गई। जिसके बाद उसे आननफानन में भर्ती दिखाकर जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया। तालबेहट से जिला चिकित्सालय ललितपुर तक का एंबुलेंस से मात्र 40 मिनट में तय होने वाला सफर पूरा करने में उसे लगभग दो घंटे लग गए। घटना के तीन दिन बाद 27 अप्रैल को सीएचसी के निरीक्षण पर आए सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त संजय कुमार एवं जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के सामने पत्रकारों ने पूरा मामला उठाया। जिस पर सचिव ने डीएम मानवेंद्र सिंह को पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कराने के निर्देश दिए थे। मजिस्ट्रियल जांच आने के बाद डीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि उस समय ड्यूटी पर कार्यरत नर्स कमला सिंह को दोषी मानते हुए विभागीय कार्रवाई और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार को कड़ी चेतावनी दी गई है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह का कहना था कि दोषी नर्स कमला सिंह के खिलाफ विभागीय जांच एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार को कड़ी चेतावनी के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है।
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अधीक्षक को कड़ी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। बीते 24 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप सड़क पर हुए प्रसव में मजिस्ट्रियल जांच के बाद दोषी नर्स पर विभागीय कार्रवाई और चिकित्सा अधीक्षक तालबेहट को कड़ी चेतावनी जारी करने की संस्तुति की गई।
बताते चले कि 24 अप्रैल 18 को थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम हर्षपुर मजरा खदरी निवासी लक्ष्मन सहरिया की पत्नी द्रोपती को प्रसव पीड़ा के चलते दोपहर दो बजे सीएचसी तालबेहट में लाया गया था। उस समय ड्यूटी पर तैनात नर्स कमला सिंह ने प्रसव के मामले में हीलाहवाली करते हुए उसे भगा लिया। इसके बाद अपने घर जाते समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लगभग 500 मीटर की दूरी पर उसका प्रसव सड़क पर हो गया। इसके बाद उसके साथ चल रही आशा उसे मरणासन्न अवस्था में सीएचसी तक लाई। पहले से खून की कमी झेल रही प्रसूता अधिक रक्त वह जाने के से मरणासन्न अवस्था में आ गई। जिसके बाद उसे आननफानन में भर्ती दिखाकर जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया। तालबेहट से जिला चिकित्सालय ललितपुर तक का एंबुलेंस से मात्र 40 मिनट में तय होने वाला सफर पूरा करने में उसे लगभग दो घंटे लग गए। घटना के तीन दिन बाद 27 अप्रैल को सीएचसी के निरीक्षण पर आए सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त संजय कुमार एवं जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के सामने पत्रकारों ने पूरा मामला उठाया। जिस पर सचिव ने डीएम मानवेंद्र सिंह को पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कराने के निर्देश दिए थे। मजिस्ट्रियल जांच आने के बाद डीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि उस समय ड्यूटी पर कार्यरत नर्स कमला सिंह को दोषी मानते हुए विभागीय कार्रवाई और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार को कड़ी चेतावनी दी गई है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह का कहना था कि दोषी नर्स कमला सिंह के खिलाफ विभागीय जांच एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार को कड़ी चेतावनी के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है।
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