{"_id":"61ae4d9fd97a9d68a2432f79","slug":"courses-related-to-solar-energy-will-start-in-bu-jhansi-news-jhs210368230","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीयू में शुरू होंगे सोलर एनर्जी से जुड़े कोर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीयू में शुरू होंगे सोलर एनर्जी से जुड़े कोर्स
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बताया कि कैंपस में सोलर एनर्जी से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएंगे, क्योंकि हाल ही में झांसी में 600 मेगावाट के अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क को मंजूरी मिली है। ऐसे में यहां रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही फार्मेसी विभाग की एनआईआरएफ रैंकिंग सुधारना भी उनकी प्राथमिकता में है।
बीयू के नए कुलपति ने अमर उजाला से बातचीत में अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बातचीत की। कहा कि कुछ ही महीनों बाद नैक की टीम बीयू का मूल्यांकन करेगी। पूरा प्रयास रहेगा कि इस बार बीयू को नैक का ए प्लस-प्लस ग्रेड मिले। स्टार्ट अप और एंटरप्रोन्योरशिप की दिशा में तेजी से काम होगा। ताकि, छात्र खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। नए उद्योग भी लगा सकें। छात्रों के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बीयू में रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट लाएंगे। उद्योगों के साथ अनुबंध करेंगे। ताकि, छात्र इंटर्नशिप कर सकें। साथ ही रोजगार के भी रास्ते खुल सकें। प्रो. पांडेय ने कहा कि आईटीएचएम, फूड टेक्नोलॉजी, एमबीए विभाग को और मजबूत बनाएंगे। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बुंदेलखंड में काफी काम किया जा सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों, छात्रों को तैयार करेंगे। वह एक-दो दिन में कार्यभार ग्रहण कर लेंगे।
विज्ञापन
बीयू के नए कुलपति ने अमर उजाला से बातचीत में अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बातचीत की। कहा कि कुछ ही महीनों बाद नैक की टीम बीयू का मूल्यांकन करेगी। पूरा प्रयास रहेगा कि इस बार बीयू को नैक का ए प्लस-प्लस ग्रेड मिले। स्टार्ट अप और एंटरप्रोन्योरशिप की दिशा में तेजी से काम होगा। ताकि, छात्र खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। नए उद्योग भी लगा सकें। छात्रों के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बीयू में रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट लाएंगे। उद्योगों के साथ अनुबंध करेंगे। ताकि, छात्र इंटर्नशिप कर सकें। साथ ही रोजगार के भी रास्ते खुल सकें। प्रो. पांडेय ने कहा कि आईटीएचएम, फूड टेक्नोलॉजी, एमबीए विभाग को और मजबूत बनाएंगे। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बुंदेलखंड में काफी काम किया जा सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों, छात्रों को तैयार करेंगे। वह एक-दो दिन में कार्यभार ग्रहण कर लेंगे।
विज्ञापन