{"_id":"60ff0ca48ebc3e58316eedab","slug":"couple-will-get-50-thousand-for-inter-caste-marriage-jhansi-news-jhs2004684189","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतर्जातीय विवाह करने पर दंपती को मिलेंगे 50 हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतर्जातीय विवाह करने पर दंपती को मिलेंगे 50 हजार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। राष्ट्रीय एकता की भावना जागृत रखने तथा समाज में एकता बनाए रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एकीकरण विभाग द्वारा अंतर्जातीय/ अंतर्धार्मिक विवाह योजना के अंतर्गत विवाहित दंपति को पचास हजार रुपये प्रोत्साहन पुरस्कार देने की व्यवस्था है।
मंडलायुक्त डा. अजय शंकर पांडेय ने बताया कि पात्र दंपती को प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए उप्र का मूल निवासी होना चाहिए। अंतर्जातीय विवाह के संबंध में एक पक्ष अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति का होना चाहिए। आवेदन पत्र में दंपती की संयुक्त फोटो, प्रमाण पत्र, विवाह रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, हाईस्कूल प्रमाण पत्र, संयुक्त बैंक खाता संख्या आईएफएससी कोड सहित होना अनिवार्य है। वर एवं वधू के विवाह के पूर्व का निवास प्रमाण पत्र और विवाह के संबंध में शपथ पत्र होना जरूरी है। विवाह के दो वर्ष के अंदर संबंधित जिले के जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन किया जाना अनिवार्य है। दंपति का मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि आवेदन पत्र समस्त संलग्नकों सहित जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी या जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा करें। प्रथम श्रेणी अधिकारी, तहसीलदार और जिला समाज कल्याण अधिकारी के समकक्ष अधिकारी द्वारा स्थलीय जांच की जाएगी। अधिकारी प्रमाण पत्रों की अपने स्तर पर पुष्टि करेंगे। उन्हें वर एवं वधू की आयु, जाति, धर्म, अधिवास, विवाह तिथि व वैधानिकता आदि बिंदुओं तथा दंपती को पुरस्कार पाने की पात्रता पर रिपोर्ट देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडलायुक्त डा. अजय शंकर पांडेय ने बताया कि पात्र दंपती को प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए उप्र का मूल निवासी होना चाहिए। अंतर्जातीय विवाह के संबंध में एक पक्ष अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति का होना चाहिए। आवेदन पत्र में दंपती की संयुक्त फोटो, प्रमाण पत्र, विवाह रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, हाईस्कूल प्रमाण पत्र, संयुक्त बैंक खाता संख्या आईएफएससी कोड सहित होना अनिवार्य है। वर एवं वधू के विवाह के पूर्व का निवास प्रमाण पत्र और विवाह के संबंध में शपथ पत्र होना जरूरी है। विवाह के दो वर्ष के अंदर संबंधित जिले के जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन किया जाना अनिवार्य है। दंपति का मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आवेदन पत्र समस्त संलग्नकों सहित जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी या जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा करें। प्रथम श्रेणी अधिकारी, तहसीलदार और जिला समाज कल्याण अधिकारी के समकक्ष अधिकारी द्वारा स्थलीय जांच की जाएगी। अधिकारी प्रमाण पत्रों की अपने स्तर पर पुष्टि करेंगे। उन्हें वर एवं वधू की आयु, जाति, धर्म, अधिवास, विवाह तिथि व वैधानिकता आदि बिंदुओं तथा दंपती को पुरस्कार पाने की पात्रता पर रिपोर्ट देनी होगी।
विज्ञापन