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फिर से होगी पिछड़े वर्ग की गिनती

Thu, 20 Jul 2017 01:02 AM IST
amarujala
amarujala Updated Thu, 20 Jul 2017 01:02 AM IST
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 Counting backward class again
counciling jhansi news - फोटो : demo
झांसी।
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महानगर में पिछड़ी जाति के लोगों की गिनती फिर से की जाएगी। 23 जुलाई से शुरू होकर सात दिन चलने वाले इस अभियान के लिए 22 अफसरों को प्रशिक्षण दिलाया है। शासन ने पिछले रैपिड सर्वे को निरस्त कर दिया है, इस वजह से फिर से गिनती होगी।
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग का रैपिड सर्वे कराएं। सर्वे 2011 की जनसंख्या के आधार पर कराएं। सर्वे के प्रभारी अधिकारी नगर आयुक्त, सहायक प्रभारी अपर नगर आयुक्त व उप नगर आयुक्त होंगे। इस पर नगर निगम ने इसके लिए क्षेत्रीय अधिकारी बना दिए हैं। 20 अधिकारियों में से कर अधीक्षक, अवर अभियंता और सफाई निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। पर्यवेक्षक के रूप में 50 अफसरों की ड्यूटी लगाई गई, जिसमें लोक निर्माण विभाग, बुंदेलखंड इंजीनियरिंग कॉलेज, सिंचाई कार्यशाला, यूपीएसआईडीसी और भूमि संरक्षण विभाग के अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रैपिड सर्वे में 500 प्रगणक ब्लाक बनाए गए हैं। इसमें आंगनबाड़ी व अन्य कर्मचारियों को लगाया गया है। 
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नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि 22 जुलाई को दो पालियों में सुबह 10 बजे और 03 बजे से कर्मचारियों को पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वे 23 जुलाई से शुरू होगा और एक सप्ताह तक चलेगा। बता दें कि इससे पहले हुए रैपिड सर्वे को लेकर कई तरह की शिकायतें शासन के पास भेजी गई थीं, जिससे सर्वे निरस्त कर दिया गया और फिर से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया।
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पिछड़ों की आबादी 1,65,180 
अप्रैल में नगर विकास विभाग द्वारा कराई गए पिछड़ी जातियों के रैपिड सर्वे में इनकी आबादी 1,65,180 पाई गई थी। पिछड़ी जातियों के परिवारों की संख्या 28,448 थी जबकि कुल जनसंख्या में पिछड़ी जातियों का अनुपात 32.66 था। अब नए सिरे रैपिड सर्वे होगा, जिसमें पिछड़ी जाति के परिवारों की संख्या घट-बढ़ सकती है।
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