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कोराना काल में नींद को तरस गए एंबुलेंस चालक

Sat, 18 Jul 2020 01:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2020 01:54 AM IST
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Corona warrier not sleeping
झांसी। कोरोना काल में एंबुलेंस चालक अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिलेभर के कोरोना मरीजों को लाने व छोड़ने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर है। अब तक तीन चालक कोरोना संक्रमित भी हो चुके हैं। लेकिन फिर भी यह लगातार अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। आलम यह है कि कई एंबुलेंस चालक नींद को तरस गए हैं।
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जिले में कुल 54 एंबुलेंस हैं। जिसमें से 36 कोरोना के मरीजों के लिए कार्यरत हैं। इनमें से पांच एंबुलेंस शहर के कोरोना पॉजिटिव मरीजों व उनके परिजनों को लाने के लिए रिजर्व की गईं हैं। हर एंबुलेंस में चालक के साथ एक ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) को नियुक्त किया गया है। शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है। कोरोना के मरीजों को लाने की जिम्मेदारी एंबुलेंस चालकों पर ही है। चाहे रात हो या दिन किसी भी समय कॉल आने पर तुरंत ही मरीज को अटेंड कर अस्पताल में शिफ्ट करना होता है। जिसके चलते चालक व ईएमटी महीनों से अपने परिजनों से नहीं मिल सके है व रात में भी सुकून से सो नहीं पा रहे हैं।
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इस समय एंबुलेंस चालक व ईएमटी काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। किसी भी समय कॉल जाने पर तुरंत ही मरीज को घर से अटेंड कर अस्पताल में भर्ती करा रहे हैं।
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दिनेश सिंह, मंडल प्रभारी, एंबुलेंस
मरीज की सूचना मिलते ही एंबुलेंस को सूचित कर मौके पर भेजा जा रहा है। तत्काल ही मरीज व परिजनों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
रजनी, हेल्प डेस्क इंचार्ज
कोरोना काल के चलते किसी भी समय कॉल आने पर तुरंत ही मरीज को अटेंड कर अस्पताल लाना पड़ता है। जिसके चलते चालकों की नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है।
दीपक कुमार, चालक
कोरोना के चलते दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों से मिलने में काफी डर लग रहा है। जिसके चलते एक माह से परिजनों से मुलाकात तक नहीं की है।
भूपेंद्र सिंह, ईएमटी
लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लाकर अस्पतालों में शिफ्ट कर रहे हैं। दिन-रात फोन की घंटी बजती रहती है। सभी एंबुलेंस चालकों का यही हाल है।
अनिल कुमार, चालक
स्वास्थ्य विभाग के लोग तो पीपीई किट पहन रहे हैं। लेकिन चालकों को नहीं दे रहे हैं। जिसके चलते चालकों में काफी भय का माहौल है। चालकों को कार्यालय में आने की भी मनाही है।
अमर दीप सिंह, ईएमटी
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