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दलालों ने निजी अस्पताल में करा दी कोरोना पॉजिटिव की डिलीवरी
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अस्पताल
- फोटो : ???????
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झांसी। कोरोना महामारी के दौर में भी दलाल अपने मुनाफे के चक्कर में लोगों की जान जोखिम में डालने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक वाक्या सामने आया है। महिला अस्पताल भर्ती होने को निकली महिला दलालों के संपर्क में आ गई। महिला में कोरोना वायरस के लक्षण भी थे, इसके बावजूद दलालों ने निजी अस्पताल ले जाकर उसका सिजेरियन करा दिया। दिनभर यह मामला डॉक्टरों के बीच चर्चा का विषय बना रहा लेकिन हर बार की तरह स्वास्थ्य विभाग के कानों तक यह खबर नहीं पहुंची।
शहर की रहने वाली एक गर्भवती महिला को कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए महिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला का सैंपल लेकर जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जांच रिपोर्ट में महिला पॉजिटिव आ गई। इसकी रिपोर्ट महिला अस्पताल को भेज दी गई। बताया गया कि रिपोर्ट में समय लगने के कारण परिजन पहले ही उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात कहकर अस्पताल से निकल गए। मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के पहले ही परिजन दलालों के संपर्क में आ गए। दलाल अपनी बातों में फंसाकर महिला को मेडिकल कॉलेज के पास स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां सर्जन को बुलाकर महिला की डिलीवरी करा दी गई।
सूत्रों ने बताया कि इसके बाद महिला की कोरोना की जांच भी एक निजी लैब के जरिए कराई गई। जहां गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव और बच्चे की निगेटिव आने की चर्चा है। यह मामला दिनभर डॉक्टरों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। डॉक्टरों के व्हाट्सएप ग्रुप में भी इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चलती रहीं। ज्यादातर डॉक्टर इस घटना के विरोध में स्वर तेज करते नजर आए। वहीं, इस मामले में जब सीएमओ डॉ. जीके निगम से बात की गई तो उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी से इंकार किया।
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उसी नाम की महिला कागजों में मेडिकल में भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी से जब प्रकरण के संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त नाम की महिला को कागजों में मेडिकल कॉलेज में भर्ती दिखाया गया है। अब यह वही महिला है या फिर दूसरी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
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शहर की रहने वाली एक गर्भवती महिला को कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए महिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला का सैंपल लेकर जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जांच रिपोर्ट में महिला पॉजिटिव आ गई। इसकी रिपोर्ट महिला अस्पताल को भेज दी गई। बताया गया कि रिपोर्ट में समय लगने के कारण परिजन पहले ही उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात कहकर अस्पताल से निकल गए। मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के पहले ही परिजन दलालों के संपर्क में आ गए। दलाल अपनी बातों में फंसाकर महिला को मेडिकल कॉलेज के पास स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां सर्जन को बुलाकर महिला की डिलीवरी करा दी गई।
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सूत्रों ने बताया कि इसके बाद महिला की कोरोना की जांच भी एक निजी लैब के जरिए कराई गई। जहां गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव और बच्चे की निगेटिव आने की चर्चा है। यह मामला दिनभर डॉक्टरों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। डॉक्टरों के व्हाट्सएप ग्रुप में भी इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चलती रहीं। ज्यादातर डॉक्टर इस घटना के विरोध में स्वर तेज करते नजर आए। वहीं, इस मामले में जब सीएमओ डॉ. जीके निगम से बात की गई तो उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी से इंकार किया।
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उसी नाम की महिला कागजों में मेडिकल में भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी से जब प्रकरण के संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त नाम की महिला को कागजों में मेडिकल कॉलेज में भर्ती दिखाया गया है। अब यह वही महिला है या फिर दूसरी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।