{"_id":"5f29c06a8ebc3e3ce72751d5","slug":"corona-afraid-reporters-news-jhs1731227158","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगाजल की बिक्री पर पड़ा कोरोना का साया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगाजल की बिक्री पर पड़ा कोरोना का साया
विज्ञापन
corona afraid
झांसी। सावन माह में डाक विभाग की ओर से गंगोत्री के गंगाजल की बिक्री को शुरू किया था। जिससे की भगवान शिव का अभिषेक के लोगों को परेशानी का सामना नही करना पड़े। मंडल के सभी डाकघरों से कुल 199 बोतलों की बिक्री हुई है। जबकि, पिछले वर्ष सावन के महीने में ही छह हजार से अधिक बोतलों की बिक्री हुई थी।
हिंदू मान्यता के अनुसार गंगाजल का बड़ा महत्व होता है। सावन के महीने में श्रद्धालुओं द्वारा गंगाजल से ही भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। इसके अलावा घरों में भी गंगाजल की मौजूदगी को शुभ माना जाता है। जिसके चलते हर साल सावन के महीने में डाक विभाग की ओर से मंडल के सभी डाकघरों में गंगाजल की बिक्री की जाती है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इस बार गंगाजल की बिक्री में काफी कमी देखी गई है। इस साल उरई में 32, ललितपुर में 41 व झांसी में सर्वाधिक 126 बोतलों की बिक्री हुई है। जिसके चलते डाक विभाग को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
इस संबंध में प्रवर डाक अधीक्षक उग्रसेन ने बताया कि इस बार गंगोत्री के गंगाजल को बिक्री के लिए मंगाया गया था। लेकिन लॉकडाउन व कोरोना संक्रमण के चलते बिक्री में कमी आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिंदू मान्यता के अनुसार गंगाजल का बड़ा महत्व होता है। सावन के महीने में श्रद्धालुओं द्वारा गंगाजल से ही भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। इसके अलावा घरों में भी गंगाजल की मौजूदगी को शुभ माना जाता है। जिसके चलते हर साल सावन के महीने में डाक विभाग की ओर से मंडल के सभी डाकघरों में गंगाजल की बिक्री की जाती है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इस बार गंगाजल की बिक्री में काफी कमी देखी गई है। इस साल उरई में 32, ललितपुर में 41 व झांसी में सर्वाधिक 126 बोतलों की बिक्री हुई है। जिसके चलते डाक विभाग को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन
इस संबंध में प्रवर डाक अधीक्षक उग्रसेन ने बताया कि इस बार गंगोत्री के गंगाजल को बिक्री के लिए मंगाया गया था। लेकिन लॉकडाउन व कोरोना संक्रमण के चलते बिक्री में कमी आई है।
विज्ञापन