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कार्यकारिणी की छह सीटों के लिए पार्षदों में घमासान, चुनाव की तारीख तय
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झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी की खाली छह सीटों के लिए 20 अप्रैल को चुनाव कराया जाएगा। बुधवार को चुनावी तिथि के एलान के साथ ही पार्षदों में इन सीटों पर कब्जा जमाने को लेकर लामबंदी तेज हो गई। मौजूदा नगर निगम सदन का यह आखिरी कार्यकारिणी चुनाव है।
नगर निगम की बारह सदस्यीय कार्यकारिणी में सदस्यों का कार्यकाल दो साल का होता है। 8 मार्च 2020 को चुने गए छह सदस्य उपसभापति सुनील नैनवानी समेत विकास खत्री, विमल किशोर, दिनेश सिंह दीपू, मुकेश सोनी एवं राजेश त्रिपाठी का कार्यकाल मार्च माह में खत्म हो गया था। इसके बाद चुनावी आचार संहिता के चलते यह चुनाव नहीं हो सके। विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना खत्म होने के बाद बुधवार को महापौर रामतीर्थ सिंघल ने 20 अप्रैल की चुनावी तिथि तय कर दी। चुनाव का एलान होने के साथ ही पार्षद में लामबंदी तेज हो गई।
निगम सदन का कार्यकाल दिसंबर माह में खत्म हो रहा है। इस लिहाज से कार्यकारिणी का यह आखिरी चुनाव है। सदन में संख्या बल के लिहाज से भाजपा सर्वाधिक मजबूत है। इनकी मदद से भाजपा तीन पार्षदों को आसानी से कार्यकारिणी में भेज सकती है जबकि चौथे सदस्य को जीतने में उसे ताकत लगानी होगी। वहीं, कांग्रेस समेत निर्दलीय उम्मीदवार भी तीन सीटों की दावेदारी पुख्ता करने में जुटे हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी खेमा भाजपा को सिर्फ तीन सीटों में ही समेटने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है कि कार्यकारिणी चुनाव कराने के बाद नए वित्तीय वर्ष का बजट भी पेश किया जाएगा।
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नगर निगम की बारह सदस्यीय कार्यकारिणी में सदस्यों का कार्यकाल दो साल का होता है। 8 मार्च 2020 को चुने गए छह सदस्य उपसभापति सुनील नैनवानी समेत विकास खत्री, विमल किशोर, दिनेश सिंह दीपू, मुकेश सोनी एवं राजेश त्रिपाठी का कार्यकाल मार्च माह में खत्म हो गया था। इसके बाद चुनावी आचार संहिता के चलते यह चुनाव नहीं हो सके। विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना खत्म होने के बाद बुधवार को महापौर रामतीर्थ सिंघल ने 20 अप्रैल की चुनावी तिथि तय कर दी। चुनाव का एलान होने के साथ ही पार्षद में लामबंदी तेज हो गई।
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निगम सदन का कार्यकाल दिसंबर माह में खत्म हो रहा है। इस लिहाज से कार्यकारिणी का यह आखिरी चुनाव है। सदन में संख्या बल के लिहाज से भाजपा सर्वाधिक मजबूत है। इनकी मदद से भाजपा तीन पार्षदों को आसानी से कार्यकारिणी में भेज सकती है जबकि चौथे सदस्य को जीतने में उसे ताकत लगानी होगी। वहीं, कांग्रेस समेत निर्दलीय उम्मीदवार भी तीन सीटों की दावेदारी पुख्ता करने में जुटे हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी खेमा भाजपा को सिर्फ तीन सीटों में ही समेटने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है कि कार्यकारिणी चुनाव कराने के बाद नए वित्तीय वर्ष का बजट भी पेश किया जाएगा।
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