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ठेकेदार ने जेसीबी से तोड़ा नाला व पुलिया
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ठेकेदार ने जेसीबी से तोड़ा नाला व पुलिया
झांसी। पार्षद ने लक्ष्मणगंज में ठेकेदार पर जेसीबी से नटवली नाला और पुलिया तोड़ने का आरोप लगाया है। उसने नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि नाले सफाई के लिए जेसीबी लगाई गई थी। नाले पर अतिक्रमण होने के कारण सफाई में दिक्कत आ रही थी। इस पर वहां से अतिक्रमण हटाया गया था, जिस पर क्षेत्रवासियों को कोई आपत्ति नहीं थी। क्योंकि, उन्हें उम्मीद थी कि नाले की सफाई से उनके क्षेत्र में जलभराव नहीं होगा।
ठेकेदार ने सफाई तो दूर नाले को ही क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे लोगों को विकराल समस्या से सामना करना पड़ रहा है। पार्षद प्रदीप नगरिया का आरोप है कि ठेकेदार ने जेसीबी से नाले की दोनों तरफ की दीवारों को तोड़ दिया है। इतना ही नहीं नाले की तलहटी और एक पुलिया को भी उखाड़ फेंका है। इस पर क्षेत्रवासियों ने रोष प्रकट करते किया। पार्षद ने नगर आयुक्त से इस संबंध में शिकायत कर संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोकने के साथ ही उस पर अर्थदंड लगा कर नाला व पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है। वहीं, वार्ड 36 के पार्षद एमेश जोशी का आरोप है कि काली बाड़ी मंदिर के पीछे नाले की सफाई में ठेकेदार ने लापरवाही की है, जिस कारण कुछ दिनों पूर्व हुई बारिश से जलभराव हुआ था। इस कारण, महापौर से ठेकेदार का भुगतान करने की मांग की है।
1.12 करोड़ का है ठेका
नगर निगम ने 1.12 करोड़ की लागत से महानगर के 27 बड़े नालों को साफ कराने जिम्मा ठेकेदारों को किया था। बारिश के कुछ दिन पूर्व हुए टेंडर के बाद नालों की सफाई का दावा किया जा रहा था पर बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी थी। हालांकि, नाला की जांच के बाद ही भुगतान करने का दावा अधिकारी कर रहे हैं।
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झांसी। पार्षद ने लक्ष्मणगंज में ठेकेदार पर जेसीबी से नटवली नाला और पुलिया तोड़ने का आरोप लगाया है। उसने नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि नाले सफाई के लिए जेसीबी लगाई गई थी। नाले पर अतिक्रमण होने के कारण सफाई में दिक्कत आ रही थी। इस पर वहां से अतिक्रमण हटाया गया था, जिस पर क्षेत्रवासियों को कोई आपत्ति नहीं थी। क्योंकि, उन्हें उम्मीद थी कि नाले की सफाई से उनके क्षेत्र में जलभराव नहीं होगा।
ठेकेदार ने सफाई तो दूर नाले को ही क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे लोगों को विकराल समस्या से सामना करना पड़ रहा है। पार्षद प्रदीप नगरिया का आरोप है कि ठेकेदार ने जेसीबी से नाले की दोनों तरफ की दीवारों को तोड़ दिया है। इतना ही नहीं नाले की तलहटी और एक पुलिया को भी उखाड़ फेंका है। इस पर क्षेत्रवासियों ने रोष प्रकट करते किया। पार्षद ने नगर आयुक्त से इस संबंध में शिकायत कर संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोकने के साथ ही उस पर अर्थदंड लगा कर नाला व पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है। वहीं, वार्ड 36 के पार्षद एमेश जोशी का आरोप है कि काली बाड़ी मंदिर के पीछे नाले की सफाई में ठेकेदार ने लापरवाही की है, जिस कारण कुछ दिनों पूर्व हुई बारिश से जलभराव हुआ था। इस कारण, महापौर से ठेकेदार का भुगतान करने की मांग की है।
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1.12 करोड़ का है ठेका
नगर निगम ने 1.12 करोड़ की लागत से महानगर के 27 बड़े नालों को साफ कराने जिम्मा ठेकेदारों को किया था। बारिश के कुछ दिन पूर्व हुए टेंडर के बाद नालों की सफाई का दावा किया जा रहा था पर बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी थी। हालांकि, नाला की जांच के बाद ही भुगतान करने का दावा अधिकारी कर रहे हैं।
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