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चुनावी ड्यूटी में उलझी मशीनरी, पैंतालीस दिन बाद भी शुरू नहीं हुआ ओवरब्रिज के फाउंडेशन का काम
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झांसी। ग्वालियर रोड स्थित रेल ओवर ब्रिज का शिलान्यास 30 दिसंबर को हुआ था लेकिन, करीब पैंतालीस दिन बीत जाने के बावजूद यहां अभी फाउंडेशन का काम भी शुरू नहीं हो सका। सेतु निगम अभियंताओं का कहना है चुनावी ड्यूटी में कर्मचारियों के लगे होने से काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
ग्वालियर रोड स्थित रेलवे क्रासिंग के ऊपर 105 करोड़ की लागत से ओवर ब्रिज बनना है। विधानसभा चुनावों की आचार संहिता के चलते इसका काम प्रभावित न होने पाए इसके लिए 30 दिसंबर को ही शिलान्यास कर दिया गया था लेकिन, इसका कोई फायदा होता नहीं दिखता। उसी समय प्रस्तावित पुल के दोनों ओर खंबा नंबर दो एवं आठ के पास मशीनें खड़ी की गईं। यह मशीनें आज भी जस की तस खड़ी हैं। शिलान्यास के बाद से मौके पर कोई काम आगे नहीं बढ़ सका। सेतु निगम अभियंताओं का कहना है कि अधिकांश कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगी हुई है। इसके अलावा वन विभाग की एनओसी का भी इंतजार किया जा रहा है। भोजला मंडी का मुख्य रास्ता होने की वजह से भी खुदाई कार्य शुरू नहीं कराया गया। बता दें, 991.91 मीटर लंबे इस ओवर ब्रिज का निर्माण सेतु निगम करा रहा है। इसमें रेलवे की भी हिस्सेदारी है। परियोजना प्रबंधक का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद काम में तेजी आएगी।
मार्च 2025 तक पूरा होना है ओवरब्रिज
इस ओवर ब्रिज का कार्य पूरा करने के लिए मार्च 2025 तक की डेडलाइन तय की गई है। ओवर ब्रिज की लंबाई कुल 991.91 मीटर है। इसकी चौड़ाई चार लेन की होगी। आने-जाने के लिए दो अलग-अलग पुल होंगे। प्रत्येक पुल की चौड़ाई साढ़े सात मीटर रखी गई है। एक पुल 28 खंबों पर टिका होगा। सेतु निगम अभियंताओं का कहना है कि अलग-अलग दो पुल होने से नीचे का ट्रैफिक अधिक प्रभावित नहीं होगा।
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ग्वालियर रोड स्थित रेलवे क्रासिंग के ऊपर 105 करोड़ की लागत से ओवर ब्रिज बनना है। विधानसभा चुनावों की आचार संहिता के चलते इसका काम प्रभावित न होने पाए इसके लिए 30 दिसंबर को ही शिलान्यास कर दिया गया था लेकिन, इसका कोई फायदा होता नहीं दिखता। उसी समय प्रस्तावित पुल के दोनों ओर खंबा नंबर दो एवं आठ के पास मशीनें खड़ी की गईं। यह मशीनें आज भी जस की तस खड़ी हैं। शिलान्यास के बाद से मौके पर कोई काम आगे नहीं बढ़ सका। सेतु निगम अभियंताओं का कहना है कि अधिकांश कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगी हुई है। इसके अलावा वन विभाग की एनओसी का भी इंतजार किया जा रहा है। भोजला मंडी का मुख्य रास्ता होने की वजह से भी खुदाई कार्य शुरू नहीं कराया गया। बता दें, 991.91 मीटर लंबे इस ओवर ब्रिज का निर्माण सेतु निगम करा रहा है। इसमें रेलवे की भी हिस्सेदारी है। परियोजना प्रबंधक का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद काम में तेजी आएगी।
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मार्च 2025 तक पूरा होना है ओवरब्रिज
इस ओवर ब्रिज का कार्य पूरा करने के लिए मार्च 2025 तक की डेडलाइन तय की गई है। ओवर ब्रिज की लंबाई कुल 991.91 मीटर है। इसकी चौड़ाई चार लेन की होगी। आने-जाने के लिए दो अलग-अलग पुल होंगे। प्रत्येक पुल की चौड़ाई साढ़े सात मीटर रखी गई है। एक पुल 28 खंबों पर टिका होगा। सेतु निगम अभियंताओं का कहना है कि अलग-अलग दो पुल होने से नीचे का ट्रैफिक अधिक प्रभावित नहीं होगा।
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