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रोक के बाद भी कराए निर्माण कार्य
ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2016 12:09 AM IST
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झांसी। वर्षों से जमे अवर अभियंताओं की मनमानी नगर निगम में इस कदर हावी है कि वह महापौर व नगर आयुक्त के आदेशों को भी हवा में उड़ा रहे हैं। महापौर व नगर आयुक्त की रोक के बावजूद एक जेई ने कैंट की जमीन पर सड़क बना दी। वहीं, एक अन्य जेई ने बिना वर्क आर्डर के चारदीवारी का निर्माण करा दिया।
छह साल में स्थानांतरण की नीति को धता बताते हुए नगर निगम में कार्यरत लगभग सभी अवर अभियंता वर्षों से यहां जमे हुए हैं। स्थिति यह है कि निर्माण विभाग में मुख्य अभियंता से ज्यादा इन अवर अभियंताओं की सुनी जाती है। दिसंबर माह में पार्षद रश्मि कोष्टा ने महापौर को पत्र देकर झरना गेट शनि देव मंदिर के पास कैंट बोर्ड की जमीन पर नगर निगम द्वारा पेवर ब्रिक्स बिछाने की शिकायत की थी।
उनका आरोप था कि एक जेई एक ट्रांसपोर्टर को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह सड़क बनवा रहे हैं। पार्षद की शिकायत पर महापौर ने नगर आयुक्त को कार्रवाई के लिए कहा था। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने तत्काल काम रुकवा दिया था। महापौर ने फाइल पर टिप्पणी लिखी थी कि कार्य नियम के विपरीत हो रहा है, इसे नहीं कराया जाए और ना ही इसका भुगतान किया जाए। इसके बावजूद ब्रिक्स बिछाने का काम पूरा हो गया है और भुगतान के लिए फाइल तैयार करा दी गई है।
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वहीं, आर्य कन्या कॉलेज के पास नगर निगम की जमीन पर चारदीवारी बनाने के लिए टेंडर निकाला गया था। टेंडर निकलने के बाद वर्क आर्डर की फाइल जारी हुए बिना एक जेई ने अपने चहेते ठेकेदार से वहां निर्माण कार्य शुरू करा दिया। एक माह पूर्व महापौर के निर्देश पर नगर आयुक्त ने काम रोकने के आदेश दिए थे, लेकिन काम नहीं रोका गया और यह अब लगभग पूर्ण होने की स्थिति में है।
मामला गंभीर है। नगर आयुक्त से संबंधित अवर अभियंताओं से जवाब तलब करने को कहा गया है। दोनों कार्यों का भुगतान नहीं किया जाएगा। यदि भुगतान हुआ तो इसकी वसूली जिम्मेदार अधिकारी से कराई जाएगी।
किरन राजू बुकसेलर, महापौर, नगर निगम
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छह साल में स्थानांतरण की नीति को धता बताते हुए नगर निगम में कार्यरत लगभग सभी अवर अभियंता वर्षों से यहां जमे हुए हैं। स्थिति यह है कि निर्माण विभाग में मुख्य अभियंता से ज्यादा इन अवर अभियंताओं की सुनी जाती है। दिसंबर माह में पार्षद रश्मि कोष्टा ने महापौर को पत्र देकर झरना गेट शनि देव मंदिर के पास कैंट बोर्ड की जमीन पर नगर निगम द्वारा पेवर ब्रिक्स बिछाने की शिकायत की थी।
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उनका आरोप था कि एक जेई एक ट्रांसपोर्टर को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह सड़क बनवा रहे हैं। पार्षद की शिकायत पर महापौर ने नगर आयुक्त को कार्रवाई के लिए कहा था। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने तत्काल काम रुकवा दिया था। महापौर ने फाइल पर टिप्पणी लिखी थी कि कार्य नियम के विपरीत हो रहा है, इसे नहीं कराया जाए और ना ही इसका भुगतान किया जाए। इसके बावजूद ब्रिक्स बिछाने का काम पूरा हो गया है और भुगतान के लिए फाइल तैयार करा दी गई है।
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वहीं, आर्य कन्या कॉलेज के पास नगर निगम की जमीन पर चारदीवारी बनाने के लिए टेंडर निकाला गया था। टेंडर निकलने के बाद वर्क आर्डर की फाइल जारी हुए बिना एक जेई ने अपने चहेते ठेकेदार से वहां निर्माण कार्य शुरू करा दिया। एक माह पूर्व महापौर के निर्देश पर नगर आयुक्त ने काम रोकने के आदेश दिए थे, लेकिन काम नहीं रोका गया और यह अब लगभग पूर्ण होने की स्थिति में है।
मामला गंभीर है। नगर आयुक्त से संबंधित अवर अभियंताओं से जवाब तलब करने को कहा गया है। दोनों कार्यों का भुगतान नहीं किया जाएगा। यदि भुगतान हुआ तो इसकी वसूली जिम्मेदार अधिकारी से कराई जाएगी।
किरन राजू बुकसेलर, महापौर, नगर निगम