फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   congress ko harane safal rhe narayan daty khud har gye the chunav

कांग्रेस को हराने में सफल रहे नारायण दत्त खुद हार गए थे चुनाव

Wed, 17 Apr 2019 12:56 AM IST
देवेंद्र कुमार अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: देवेंद्र कुमार Updated Wed, 17 Apr 2019 12:56 AM IST
विज्ञापन
congress ko harane safal rhe narayan daty khud har gye the chunav
nd tiwari, jhansi news - फोटो : demo
कांग्रेस से अलग होकर तिवारी कांग्रेस बनाने वाले उत्तर प्रदेश के तीन और उत्तराखंड के एक बार मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी बुंदेलखंड में झांसी सीट से चुनाव नहीं जीत सके थे। 1996 में झांसी से पूरे दमखम से लोकसभा चुनाव लड़े तिवारी मात्र 10.16 फीसदी 68,064 मत प्राप्त करके पांचवें स्थान पर रहे थे। चुनाव परिणाम ने साबित किया था कि वह खुद तो नहीं जीत पाए, परंतु देश के अन्य निर्वाचन क्षेत्रों की तरह ही वह भी कांग्रेेस प्रत्याशी को हराने में सफल हुए थे।
विज्ञापन


आजादी के आंदोलन में शामिल रहे नारायण दत्त तिवारी की राजनीतिक शुरूआत सोशलिस्ट पार्टी से हुई थी। प्रदेश का पहला विधानसभा चुनाव 1952 में उन्होेंने नैनीताल से सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जीता था। इसके बाद वह कांग्रेेस में शामिल हो गए। उन्होंने 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद केंद्र में कांग्रेस की पीवी नरसिंह राव सरकार बनने पर विद्रोह कर दिया। तब, विभिन्न राज्यों के कांग्रेेसी नरसिंह राव के खिलाफ एक मंच पर आ गए थे। उसका परिणाम उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में बनी अखिल भारतीय इंदिरा कांग्रेस (तिवारी) के रूप में सामने आया। हर प्रदेश में बड़े-बड़े नाम तिवारी कांग्रेस से जुड़े और यह प्रचारित किया गया कि यही असली कांग्रेस है।
विज्ञापन


इस पार्टी ने पहला लोकसभा चुनाव 1996 में लड़ा। 321 सीटों पर चुनाव लड़ी इस पार्टी को मात्र चार सीटों पर जीत हासिल हुई। 310 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। हां इतना जरूर था कि 102 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के हार का कारण उनकी पार्टी को माना गया था। खुद नारायण दत्त तिवारी का चुनाव रोचक रहा। उन्होंने अपने गृह जनपद की परंपरागत नैनीताल सीट से चुना लड़ा। वहीं, यूपी के अन्य हिस्सों से विशेष तौर पर बुंदेलखंड को प्रभावित करने के लिए झांसी से भी चुनाव लड़ा। उनका नाम आते ही जैसे पुराने और खुद तिवारी से जुड़े कांग्रेसियों का उत्साह बढ़ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुंदेलखंड की झांसी सीट से चुनाव लड़ना कोई उनका खुद का निर्णय नहीं था, जबकि इसके पीछे एक सोची समझी रणनीति थी, जिसके तहत तिवारी का मानना था कि बुंदेलखंड में उनके कार्यकाल में कराए गए तमाम विकास कार्य उनके लिए वरदान साबित होंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। वह झांसी से चुनाव हार गए और उनको पांचवें स्थान पर संतोष करना पड़ा। नैनीताल सीट जीतकर उनका सम्मान बचा था।

यह रहा था परिणाम
पार्टी                  प्रत्याशी              वोट मिले        प्रतिशत
भाजपा           राजेंद्र अग्निहोत्री         163836        24.45
सपा               हरगोविंद कुशवाहा     134152        20.02
बसपा            छंगा प्रसाद साहू         130281        19.44
कांग्रेेस           सुजान सिंह बुंदेला       114374        17.07
तिवारी कांग्रेस   नारायण दत्त तिवारी       68064         10.16
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed