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कोरोना काल में तनाव से जूझ रहे सीएमएस को ब्रेन हैमरेज
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कोरोना
- फोटो : ??????
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झांसी। कोरोना के दौर में तनाव झेल रहे जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमसी वर्मा को ब्रेन हैमरेज हो गया है। उनकी हालत गंभीर है। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया गया कि वह कई दिनों से तनाव में थे।
जिले में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में लगातार तरह-तरह के दबाव सीएमएस झेल रहे थे। डीएम आंद्रा वामसी ने 30 मई को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। कोरोना काल में
इस तरह के निरीक्षण अधिकारियों द्वारा किए जा रहे हैं। अव्यवस्थाएं और गंदगी मिलने के साथ ही शिथिल पर्यवेक्षण पर सीएमएस को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा अधिकारियों की बैठक में भी सीएमएस से नाराजगी जताई जा रही थी। सूत्रों ने बताया कि दो दिन पहले हुई बैठक में उनका वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए थे। सीएमएस ने अपना स्पष्टीकरण देते हुए वेतन रिलीज करने की प्रार्थना की थी।
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सीएमएस सह कर्मियों से सुविधाएं कम होने का जिक्र करते हुए अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त करने पर चर्चा करते रहते थे। वह पूछते थे कि अभाव में अधिकारियों की मंशा पर कैसे खरा उतरा जाए। संभावना जताई जा रही है कि यह तनाव ही उनकी सेहत पर भारी पड़ गया और सोमवार की शाम को उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया। हालांकि, डॉक्टरों का यह भी कहना है कि वह बीपी और डायबिटीज के शिकार भी थे। ब्रेन हैमरेज होने के बाद सीएमएस को जिला अस्पताल लाया गया। सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया है। इसलिए न्यूरो सर्जन का ट्रीटमेंट चलाने के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सीएमएस की हालत गंभीर बनी हुई है।
कहीं ये तो वजह नहीं
- लगातार जारी हो रहीं चिट्ठियों से परेशान थे?
- लापरवाही को आधार बनाकर वेतन रुकने से तनाव बढ़ा?
- लगातार अधिकारियों की डांट डपट सेहत पर भारी पड़ गई?
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जिले में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में लगातार तरह-तरह के दबाव सीएमएस झेल रहे थे। डीएम आंद्रा वामसी ने 30 मई को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। कोरोना काल में
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इस तरह के निरीक्षण अधिकारियों द्वारा किए जा रहे हैं। अव्यवस्थाएं और गंदगी मिलने के साथ ही शिथिल पर्यवेक्षण पर सीएमएस को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा अधिकारियों की बैठक में भी सीएमएस से नाराजगी जताई जा रही थी। सूत्रों ने बताया कि दो दिन पहले हुई बैठक में उनका वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए थे। सीएमएस ने अपना स्पष्टीकरण देते हुए वेतन रिलीज करने की प्रार्थना की थी।
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सीएमएस सह कर्मियों से सुविधाएं कम होने का जिक्र करते हुए अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त करने पर चर्चा करते रहते थे। वह पूछते थे कि अभाव में अधिकारियों की मंशा पर कैसे खरा उतरा जाए। संभावना जताई जा रही है कि यह तनाव ही उनकी सेहत पर भारी पड़ गया और सोमवार की शाम को उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया। हालांकि, डॉक्टरों का यह भी कहना है कि वह बीपी और डायबिटीज के शिकार भी थे। ब्रेन हैमरेज होने के बाद सीएमएस को जिला अस्पताल लाया गया। सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया है। इसलिए न्यूरो सर्जन का ट्रीटमेंट चलाने के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सीएमएस की हालत गंभीर बनी हुई है।
कहीं ये तो वजह नहीं
- लगातार जारी हो रहीं चिट्ठियों से परेशान थे?
- लापरवाही को आधार बनाकर वेतन रुकने से तनाव बढ़ा?
- लगातार अधिकारियों की डांट डपट सेहत पर भारी पड़ गई?