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प्रदेश में चल रहे सभी बड़े प्रोजेक्ट की हर पंद्रह दिन में समीक्षा करेंगे सीएम
Mon, 09 Dec 2019 04:40 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 04:40 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश में चल रहे विकास के सभी बड़े प्रोजेक्ट की समीक्षा अब हर पंद्रह दिन में स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। इस समीक्षा से पहले शासन की टॉस्क फोर्स जिलों में जाकर सभी प्रोजेक्ट पर प्रगति रिपोर्ट तैयार करेगी।
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बुंदेलखंड के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में इस तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। यहां सीएम ने माना कि अफसरों की लापरवाही से विकास की योजनाएं समय से पूरी नहीं हो रही हैं। इनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी 48 से ज्यादा प्रोजेक्ट हैं जो पांच साल के बाद भी पूरे नहीं हो पाए हैं।
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हाईवे चौड़ीकरण, ओवरब्रिज, अंडरपास, नदी और नहरों पर पुल निर्माण, नए बस स्टैंड के साथ ही गरीबों के लिए जो मकान बनाए जा रहे हैं उनके निर्माण की रफ्तार भी बेहद सुस्त है।
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अकेले बुंदेलखंड में ही इस तरह के 14 प्रोजेक्ट हैं। कई प्रोजेक्ट तो ऐसे हैं जो 2016 में पूरे हो जाने चाहिए थे लेकिन अभी तक अधूरे हैं। झांसी में ग्वालियर रोड पर सेना की हवाई पट्टी के आगे फ्लाईओवर 13 साल के बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
मुख्यमंत्री द्वारा झांसी में की गई विकास कार्यों की समीक्षा में यह सभी लंबित प्रोजेक्ट रखे गए। कई प्रोजेक्ट ऐसे थे जो पेड़ों का कटान न हो पाने के कारण फंसे हैं तो कहीं किसी विभाग द्वारा एनओसी नहीं मिल पाई थी।
माना गया कि अफसरों द्वारा लगातार फालोअप भी नहीं किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी बड़े प्रोजेक्ट की हर पंद्रह दिन में समीक्षा होगी। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश भर में जहां भी लंबित प्रोजेक्ट हैं उन पर समीक्षा की व्यवस्था की गई है।
शासन स्तर पर भी पैरवी नहीं करते अधिकारी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सामने कई ऐसे प्रोजेक्ट भी रखे गए जिन्हें सांसद और विधायकों ने प्रस्तावित किया था और प्रशासन ने रिपोर्ट भेजी थी। जब मुख्यमंत्री ने अफसरों से पूछा कि शासन स्तर पर इन प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट कभी जानी तो अफसर कोई जवाब नहीं दे सके। मुख्यमंत्री ने यहां कहा कि क्षेत्र का विकास कराना अफसरों की जिम्मेदारी है। जो भी प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजे जाते हैं उनके बारे में समय समय पर जानकारी की जानी चाहिए।
..झांसी के लंबित प्रोजेक्ट...
सीपरी बाजार ओवरब्रिज
मऊरानीपुर ओवरब्रिज
लक्ष्मीताल का पर्यटन विकास
ग्वालियर रोड का फोरलेन
बल्लमपुर का अंडरपास
ग्वालियर रोड पर सेना की हवाई पट्टी के आगे फ्लाईओवर
मेडिकल कालेज में पांच सौ बेड का अस्पताल
इन जिलों में सबसे ज्यादा लंबित हैं प्रोजेक्ट
झांसी, ललितपुर, बांदा, कानपुर, महोबा, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, आजमगढ़, बस्ती, फतेहपुर और उन्नाव।