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मुख्यमंत्री जी, झांसी में बिगड़ रहे हैं हालात, अब तो कुछ करो ‘सरकार’

Tue, 30 Jun 2020 12:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 12:24 AM IST
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CM alert attension to jhansi condition is bad
योगी आदित्यनाथ - फोटो : ???? ?????????
झांसी। मुख्यमंत्री जी! कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले में झांसी में हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। संक्रमित मरीजों की तादाद तेज रफ्तार के साथ आगे बढ़ती जा रही है। इतना ही नहीं, कोरोना मरीजों की मौत के मामले में झांसी प्रदेश में दूसरे स्थान पर जा पहुंचा है। इन भयावह आंकड़ों से लोग भयभीत हैं। आम जनमानस की सरकार से संक्रमण के नियंत्रण के लिए गंभीर उपाय करने की दरकार है।
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झांसी में अब तक कोरोना वायरस के 169 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से 16 लोगों की मौत हो चुकी है। झांसी में मृत्यु दर लगभग दस फीसदी है। झांसी में जिस तरह कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं, उसी तरह मौतें भी बढ़ती जा रही हैं। ललितपुर में अब तक कोरोना के सात मरीज मिल चुके हैं। इसमें से दो की मौत हो चुकी है। ऐसे में ललितपुर में मृत्यु दर 28.57 फीसदी है। इतनी अधिक मृत्युदर होने की वजह से ललितपुर प्रदेश में टॉप पर है। जबकि, समीपवर्ती जनपद जालौन में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर झांसी से कहीं कम महज साढ़े तीन प्रतिशत ही है। लोगों का मानना है कि संक्रमण से नियंत्रण के गंभीर उपाय करने का अब वक्त आ गया है। इसमें देरी झांसी पर भारी पड़ सकती है।
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मेडिकल स्टाफ का टोटा, कैसे होगी कोराना से जंग
झांसी। कोरोना वायरस की महामारी तेजी से अपने पांव पसारती जा रही है। सरकार की तरफ से मशीनें तो उपलब्ध कराई जा रही हैं लेकिन मानव संसाधन का टोटा बना हुआ है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक की कमी कोरोना से लड़ाई में बड़ी बाधा साबित हो रही है। स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मेडिकल कॉलेज में डाक्टरों के 59 व तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के 243 पद रिक्त बने हुए हैं। जबकि, जिला अस्पताल में 19 चिकित्सकों व 10 तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। अन्य स्वास्थ्य इकाइयों के हालात भी कमोबेश ऐसी ही हैं। इनमें 33 डाक्टर और 29 तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। चिकित्सा कर्मियों की ये कमी कोरोना के खिलाफ जारी जंग में भारी पड़ती नजर आ रही है।
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सुरक्षा उपायों की मंद पड़ी रफ्तार
झांसी। लॉकडाउन लागू होने के बाद से झांसी में नगर निगम ने तेजी से सैनिटाइजेश का काम शुरू कर दिया गया था। लेकिन, ज्यों-ज्यों मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसकी रफ्तार धीमी होती जा रही है। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन में भी लोगों की आवाजाही लगातार जारी रहती है। बाजारों में भीड़ नियंत्रण के उपाय भी नहीं किए जा रहे हैं। ये सब लापरवाहियां लोगों पर भारी पड़ रही हैं। इस पर सख्ती की आवश्यकता है।
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