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सिविल सर्जन सहित पांच सस्पेंड
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सिविल सर्जन सहित पांच सस्पेंड
करैरा (मप्र.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला अस्पताल में एक शव के पांच घंटे तक बेड पर पड़े रहने और शव की आंखों में चीटियां पड़ने के मामले में कलेक्टर अनुग्रहा पी ने सिविल सर्जन सहित पांच लोगों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई कमिश्नर के निर्देश पर की गई। वहीं, सस्पेंड होने से पहले सिविल सर्जन अचानक बीमार हो गए। जिन्हें उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एमपी के शिवपुरी जिला अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाले हुए घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता की सारी पोल कर दी। मामला सुर्खियों में आने के बाद हरकत में आए शासन व प्रशासन ने सख्ती दिखाई। जांच करने पहुंची कलेक्टर अनुग्रहा पी ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे व इलाज में लापरवाही बरतने पर डॉ. दिनेश राजपूत सहित स्टॉफ की तीन नर्सों को सस्पेंड कर दिया गया है।
उधर इस मामले में कार्रवाई से पहले जिला अस्पताल के सिविल सर्जन अचानक बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल के आईसीयू में उन्हें भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। रेफर किए जाने से पहले वह बीमारी की अवस्था में भी एंबुलेंस में लोगों से बतियाते देखे गए।
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करैरा (मप्र.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला अस्पताल में एक शव के पांच घंटे तक बेड पर पड़े रहने और शव की आंखों में चीटियां पड़ने के मामले में कलेक्टर अनुग्रहा पी ने सिविल सर्जन सहित पांच लोगों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई कमिश्नर के निर्देश पर की गई। वहीं, सस्पेंड होने से पहले सिविल सर्जन अचानक बीमार हो गए। जिन्हें उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एमपी के शिवपुरी जिला अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाले हुए घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता की सारी पोल कर दी। मामला सुर्खियों में आने के बाद हरकत में आए शासन व प्रशासन ने सख्ती दिखाई। जांच करने पहुंची कलेक्टर अनुग्रहा पी ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे व इलाज में लापरवाही बरतने पर डॉ. दिनेश राजपूत सहित स्टॉफ की तीन नर्सों को सस्पेंड कर दिया गया है।
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उधर इस मामले में कार्रवाई से पहले जिला अस्पताल के सिविल सर्जन अचानक बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल के आईसीयू में उन्हें भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। रेफर किए जाने से पहले वह बीमारी की अवस्था में भी एंबुलेंस में लोगों से बतियाते देखे गए।
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