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Jhansi News: संतुलन और एकाग्रता के खेल मल्लखंभ की कलाबाजियां सीख रहे नौनिहाल

Wed, 21 May 2025 01:56 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 May 2025 01:56 AM IST
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Children are learning the acrobatics of Mallakhamb, a game of balance and concentration

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संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। एमेच्योर मल्लखंभ एसोसिएशन की ओर से न्यू एरा पब्लिक स्कूल परिसर में बच्चों को मल्लखंभ की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। इसमें नवोदित खिलाड़ी अपने खेल कौशल को निखारने के लिए अभ्यास कर रहे हैं। इससे वे विभिन्न प्रतियोगिताओं में मेडल जीतकर देश-विदेश में झांसी का नाम रोशन करें।



एसोसिएशन के सचिव रवि प्रकाश परिहार ने बताया कि मल्लखंभ ताकत, संतुलन, लचीलापन और मानसिक एकाग्रता का खेल है। यह तीन प्रकार का होता है जिसमें पोल, रोप और हैंगिंग मल्लखंभ। गर्मियों की छुट्टियों में मल्लखंभ का प्रशिक्षण लेने के लिए बालक एवं बालिका वर्ग के नौनिहाल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसमें नवोदित खिलाड़ियों को हनुमान ध्वज, बजरंगी, कुर्मासन, चकोरासन, द्रोणासन, फ्रंट साल्ट, बैक साल्ट, एक पादशिरासन आदि के प्रशिक्षण के साथ खेल की बारीकियों सिखाई जा रही हैं। ये बोले खिलाड़ी ...
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- बंगलाघाट निवासी रेणुका राष्ट्रीय मल्लखंभ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी हैं। दो साल से प्रशिक्षण ले रहीं रेणुका विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं। मल्लखंभ में वह नटराज, हनुमान ध्वज, रोप पर क्राॅस आदि कलाबाजी में सक्षम हैं। उनका कहना है कि मल्लखंभ प्रतिभा को और निखारने के लिए वह यहां प्रशिक्षण कर रही हैं।
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- दतिया गेट बाहर निवासी रिचा साहू का कहना है कि वह एक साल से मल्लखंभ का प्रशिक्षण ले रही हैं। दिल्ली और तमिलनाडु में राष्ट्रीय मल्लखंभ में रजत पदक और छत्तीसगढ़ में स्वर्ण पदक जीतकर आई हैं। नियमित अथक अभ्यास और प्रशिक्षण को ही वह सफलता की कुंजी मानती हैं।

- बड़ागांव गेट बाहर निवासी अनुज यादव ने बताया कि उनको रोप और हैंगिंग मल्लखंभ पर कलाबाजी करना काफी अच्छा लगता है। जिसके लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं जिससे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर गोल्ड मेडल जीत कर झांसी का नाम रोशन कर सकें।


- नारायण बाग तिराहा के पास निवासी मयंक ने बताया कि मल्लखंभ में काफी रूचि है इसलिए रोज प्रशिक्षण लेने आता हूं। मैं एक खिलाड़ी के रूप में ही अपना भविष्य संवारना चाहता हूं।
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