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नि:संतान दंपतियों को जल्द मिलेगी खुशी
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- मेडिकल कॉलेज में खुलने जा रहा आईवीएफ सेंटर, 10 बेड का बनाया जाएगा ऑब्जर्वेशन सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) सेंटर जल्द शुरू होगा। इसके लिए नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। अत्याधुनिक लैब के साथ 10 बेड का ऑब्जर्वेशन सेंटर बनेगा। यहां बेहद किफायती दर पर सुविधा मिलेगी।
बुंदेलखंड के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में आईवीएफ सेंटर नहीं है। नि:संतान दंपतियों की दिक्कतों को देखते हुए अब रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सेंटर बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के पास बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। जल्द ही अत्याधुनिक मशीनों को खरीदने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। आईवीएफ सेंटर में 10 बेड का ऑब्जर्वेशन सेंटर बनाया जाएगा, जहां भ्रूण इंप्लांट करने के बाद महिला को डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। सेंटर में उपचार कराने आने वाली महिलाओं से सरकारी फीस ही ली जाएगी। इससे गरीब नि:संतान दंपतियों को काफी राहत मिलेगी। डॉक्टरों ने बताया कि प्राइवेट आईवीएफ सेंटर पर ढाई से तीन लाख रुपये तक खर्च आता है, जिसकी वजह से गरीब लोग उपचार नहीं करा पाते।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हेमा जे. शोभने ने बताया कि आईवीएफ सेंटर के लिए बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। जल्द ही यहां सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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झांसी। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) सेंटर जल्द शुरू होगा। इसके लिए नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। अत्याधुनिक लैब के साथ 10 बेड का ऑब्जर्वेशन सेंटर बनेगा। यहां बेहद किफायती दर पर सुविधा मिलेगी।
बुंदेलखंड के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में आईवीएफ सेंटर नहीं है। नि:संतान दंपतियों की दिक्कतों को देखते हुए अब रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सेंटर बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के पास बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। जल्द ही अत्याधुनिक मशीनों को खरीदने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। आईवीएफ सेंटर में 10 बेड का ऑब्जर्वेशन सेंटर बनाया जाएगा, जहां भ्रूण इंप्लांट करने के बाद महिला को डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। सेंटर में उपचार कराने आने वाली महिलाओं से सरकारी फीस ही ली जाएगी। इससे गरीब नि:संतान दंपतियों को काफी राहत मिलेगी। डॉक्टरों ने बताया कि प्राइवेट आईवीएफ सेंटर पर ढाई से तीन लाख रुपये तक खर्च आता है, जिसकी वजह से गरीब लोग उपचार नहीं करा पाते।
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स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हेमा जे. शोभने ने बताया कि आईवीएफ सेंटर के लिए बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। जल्द ही यहां सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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