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चना व मटर से किसानों को आस
ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:56 AM IST
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झांसी। पानी की कमी से जूझ रहे जनपद के किसानों को चना व मटर की फसल अच्छी होेने की उम्मीद है। दोनों ही फसलों में अभी फूल हैं, यदि एक पखवाड़े तक सब कुछ ठीक चला तो दोनों ही फसलें संभल जाएंगी और किसानों के लाभ का कारक बनेंगी। वहीं, गेहूं की फसल को अभी पानी की दरकार है।
रबी में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष जिले में महज साठ फीसदी बुवाई ही हो पाई है। सर्वाधिक बुवाई गेहूं, मटर व चना की फसलों की हुई है। पिछले तीन वर्षों से प्रकृति का कहर झेल रहे किसानों को अब इन्हीं तीन फसलों से उम्मीद है। वर्तमान में रबी की सभी फसलें अच्छी स्थिति में हैं।
कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कहीं से भी फसलों में कीड़े लगने की व अन्य समस्याएं सामने नहीं आई हैं। चना और मटर की फसलों में फूल आ गया है और जैसा मौसम चल रहा है, यदि वैसा ही चलता रहा तो दोनों फसलों का परिणाम काफी अच्छा होगा। वहीं, गेहूं की फसल को अभी पानी की दरकार है। पानी न मिलने की स्थिति में गेहूं का दाना कमजोर पड़ सकता है।
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नहरों व अन्य साधनों से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में गेहूं के लिए किसानों को इंद्र देव से ही उम्मीद है।
एक पखवाड़े तक यदि गेहूं को पानी न मिले तो काम चल जाएगा, लेकिन इस पखवाड़े पानी गिरा तो चना व मटर को काफी नुकसान होगा। एक पखवाड़े बाद पानी बरसने से चना व मटर को नुकसान नहीं होगा, जबकि गेहूं को फायदा हो जाएगा।
डा. बीआर मौर्या
जिला कृषि अधिकारी, झांसी।
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रबी में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष जिले में महज साठ फीसदी बुवाई ही हो पाई है। सर्वाधिक बुवाई गेहूं, मटर व चना की फसलों की हुई है। पिछले तीन वर्षों से प्रकृति का कहर झेल रहे किसानों को अब इन्हीं तीन फसलों से उम्मीद है। वर्तमान में रबी की सभी फसलें अच्छी स्थिति में हैं।
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कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कहीं से भी फसलों में कीड़े लगने की व अन्य समस्याएं सामने नहीं आई हैं। चना और मटर की फसलों में फूल आ गया है और जैसा मौसम चल रहा है, यदि वैसा ही चलता रहा तो दोनों फसलों का परिणाम काफी अच्छा होगा। वहीं, गेहूं की फसल को अभी पानी की दरकार है। पानी न मिलने की स्थिति में गेहूं का दाना कमजोर पड़ सकता है।
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नहरों व अन्य साधनों से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में गेहूं के लिए किसानों को इंद्र देव से ही उम्मीद है।
एक पखवाड़े तक यदि गेहूं को पानी न मिले तो काम चल जाएगा, लेकिन इस पखवाड़े पानी गिरा तो चना व मटर को काफी नुकसान होगा। एक पखवाड़े बाद पानी बरसने से चना व मटर को नुकसान नहीं होगा, जबकि गेहूं को फायदा हो जाएगा।
डा. बीआर मौर्या
जिला कृषि अधिकारी, झांसी।