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टहरौली पीएचसी में जन्मे छाती से जुड़े बच्चे

Tue, 17 Aug 2021 12:48 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 12:48 AM IST
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Chest related children born in Tehrauli PHC
Chest related children born in Tehrauli PHC - फोटो : DEHAT
झांसी/टहरौली। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघैरा में रविवार को छाती और पेट से जुड़े दो नवजात बच्चों का जन्म हुआ। ऐसा डेढ़ लाख केस में से किसी एक में होता है। जन्म के बाद बच्चों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां पीडियाट्रिक सर्जन नहीं होने की वजह से उन्हें भर्ती नहीं किया गया और हायर सेंटर ले जाने को बोल दिया गया। पैसे नहीं होने के कारण पिता बच्चों को लेकर घर आ गया।
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टहरौली किला निवासी रीना वर्मा पत्नी अमित वर्मा को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को उसे स्वास्थ्य केंद्र बघैरा में भर्ती कराया गया। केंद्र में तैनात एएनएम रानी दांगी ने 15 अगस्त को जुड़वा बच्चों का प्रसव कराया। प्रसव के बाद जन्में दोनों बच्चों के पेट, छाती आपस में जुड़ी हुई थी। सूचना पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिंह समेत रामकृष्ण, महेश कटियार, अजीत कटियार मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला और उसके दोनों नवजात बच्चों को इलाज के लिए एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेज दिया। अमित ने बताया कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर बच्चों को भर्ती नहीं किया गया। निक्कू पहुंचने पर डॉक्टरों ने इमरजेंसी ले जाने के लिए कहा। इमरजेंसी में गए तो डॉक्टरों ने कहा कि यहां पर इनका इलाज नहीं हो सकता है। उनके सीने और पेट जुड़े हैं। डॉक्टरों ने एम्स ले जाने की सलाह दी। फिर अमित पत्नी और नवजातों को लेकर घर आ गया।
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किराए तक के पैसे नहीं हैं, कैसे कराऊं इलाज
उसका कहना है कि वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता है। उसके पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं हैं। वहां रहकर वह कैसे इलाज कराएगा। यही सब सोचते हुए वह बच्चों को घर ले आया। उसका कहना है कि बच्चों का इलाज कराना भी जरूरी है। ऐसे में लोग उसकी मदद करें।
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मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक सर्जन नहीं है। इस कारण यहां पर बच्चों की सर्जरी नहीं हो सकती थी। निक्कू से उन्हें इमरजेंसी भेजा गया। वहां सर्जरी के डॉक्टरों ने हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
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