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Jhansi News: नौ सालों में शून्य से शिखर तक पहुंचा केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय

Sun, 05 Mar 2023 11:20 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Mar 2023 11:20 PM IST
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Central Agricultural University reached from zero to peak in nine years
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने नौ सालों में शून्य से शिखर तक पहुंचाने का सफर तय किया है। ऊबड़-खाबड़ जमीन पर आज शानदार इमारत खड़ी हो चुकी है। स्नातक के तीन कोर्स और परास्नातक के 11 विषयों में देश भर के छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आ रहे हैं। इसी साल से पांच विषयों में पीएचडी भी शुरू हो गई है।
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कृषि विश्वविद्यालय अब दसवें वर्ष में प्रवेश कर गया है। यहां पर अब स्मार्ट क्लास रूम, हॉस्टल, सेमिनार रूम, प्रयोगशाला भी शुरू हो चुकी हैं। स्नातक स्तर पर बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी हॉर्टीकल्चर, बीएससी फॉरेस्ट्री कोर्स संचालित हैं। साथ ही एग्रोनॉमी, प्लांट पैथोलॉजी, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, फ्रूट साइंस, वेजिटेबल साइंस, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन समेत 11 विषयों में परास्नातक की पढ़ाई जारी है। इसी साल एग्रोनॉमी, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, प्लांट पैथोलॉजी, सिल्वी कल्चर एंड एग्रोफॉरेस्ट्री, फ्रूट साइंस विषयों में पीएचडी शुरू हो गई है। निदेशक शिक्षा डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि स्नातक में 449 और परास्नातक में 51 छात्र हैं। 2030 तक प्रवेश की संख्या छह गुना करनी है। बताया कि विश्वविद्यालय में युवा केंद्र समर्थ की स्थापना की जा रही है। इससे न सिर्फ छात्र-छात्राओं अपितु ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को कृषि उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ताकि, वह स्वरोजगार स्थापित कर सकें। वहीं, कुलपति प्रो. एके सिंह ने बताया कि 2024 में दतिया में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय और मत्स्यकीय कॉलेज में भी प्रवेश शुरू हो जाएंगे। बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है।
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ड्रोन से उर्वरक का छिड़काव, वैन से हो रहा रोगों का निदान
विश्वविद्यालय ने हाल ही में मोबाइल प्लांट हेल्थ क्लीनिक वैन का संचालन शुरू कर दिया है। इसके जरिए किसान के खेत पर जाकर मिट्टी आदि की जांच की जाती है। साथ ही फसल में लगे कीट अथवा रोगों का भी निदान किया जा रहा है। ड्रोन के जरिए किसानों के खेत पर कीटनाशक, उर्वरक का छिड़काव भी शुरू कर दिया है।
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