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करोड़ों खर्च कर दिए, कूड़े का निस्तारण नहीं हुआ
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झांसी। नगर निगम में कूड़े के नाम पर करोड़ों के खेल हुए हैं। कूड़े के निस्तारण के नाम पर निगम के अधिकारियों ने बड़ा घालमेल कर दिया। नगर निगम ने मसीहा गंज के समीप मैला की टोरिया में कूड़े के जैविक निस्तारण पर तीन करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन एक दिन भी कूड़े का निस्तारण नहीं किया गया। क्षेत्र के लोगों ने मामले में नगर आयुक्त और एनजीटी से शिकायत की है।
महानगर के मैला की टोरिया में नगर निगम का कूड़ा डंप किया जाता था। यहां आज भी कूड़े का ढेर है। यहां आसपास के लोगों ने विरोध किया तो साल 2018 में नगर निगम ने कूड़े के जैविक निस्तारण के लिए एक कंपनी से अनुबंध किया। लेकिन यहां पर एक दिन भी कूड़े का निस्तारण नहीं किया गया। जबकि निगम से कंपनी को तीन करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। आलम यह है कि यहां रोज कूड़ा डंप किया जाता है। साथ ही रात को कूड़े में आग लगा दी जाती है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। क्षेत्र के हेमंत कुमार बताते हैं कि मैला की टोरिया के आसपास एक हजार मकान बने हुए हैं। कूड़ा निस्तारण के लिए यहां नगर निगम ने अनुबंध किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कूड़े से उठने वाली बदबू से जीना दूूभर हो गया है। इसे लेकर एनजीटी से शिकायत की है।
40 बार शिकायत की, हर बार गलत रिपोर्ट
क्षेत्र के लोगों ने करीब 40 बार नगर निगम के अधिकारियों से ठेकेदार की मनमानी की शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई, तो हर बार गलत रिपोर्ट लगा दी गई।
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नगर आयुक्त ने लिया संज्ञान
नगर आयुक्त अवनीश राय ने मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने शिकायत मिलने के बाद जोनल सेनेटरी आफिसर को मौके पर भेजा। नगर आयुक्त ने मामले की जांच की बात कही है।
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महानगर के मैला की टोरिया में नगर निगम का कूड़ा डंप किया जाता था। यहां आज भी कूड़े का ढेर है। यहां आसपास के लोगों ने विरोध किया तो साल 2018 में नगर निगम ने कूड़े के जैविक निस्तारण के लिए एक कंपनी से अनुबंध किया। लेकिन यहां पर एक दिन भी कूड़े का निस्तारण नहीं किया गया। जबकि निगम से कंपनी को तीन करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। आलम यह है कि यहां रोज कूड़ा डंप किया जाता है। साथ ही रात को कूड़े में आग लगा दी जाती है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। क्षेत्र के हेमंत कुमार बताते हैं कि मैला की टोरिया के आसपास एक हजार मकान बने हुए हैं। कूड़ा निस्तारण के लिए यहां नगर निगम ने अनुबंध किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कूड़े से उठने वाली बदबू से जीना दूूभर हो गया है। इसे लेकर एनजीटी से शिकायत की है।
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40 बार शिकायत की, हर बार गलत रिपोर्ट
क्षेत्र के लोगों ने करीब 40 बार नगर निगम के अधिकारियों से ठेकेदार की मनमानी की शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई, तो हर बार गलत रिपोर्ट लगा दी गई।
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नगर आयुक्त ने लिया संज्ञान
नगर आयुक्त अवनीश राय ने मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने शिकायत मिलने के बाद जोनल सेनेटरी आफिसर को मौके पर भेजा। नगर आयुक्त ने मामले की जांच की बात कही है।