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बारिश में टपकती हैं छतें, लैब में केमिकल की कमी
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झांसी। बिपिन बिहारी महाविद्यालय के मैनेजमेंट का मुकदमा लंबे समय से कोर्ट में चलने की वजह से बजट का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। कॉलेज के कई कमरों की छतों में दरार आ जाने से बारिश में चूने लगी हैं। वहीं, प्रयोगशालाओं के लिए केमिकल, उपकरणों की खरीद नहीं हो पा रही है। अब कॉलेज प्रशासन ने कंट्रोलर नियुक्त करने की मांग की है।
पढ़ाई के मामले में बीबीसी बुंदेलखंड का जाना-माना कॉलेज है। यहां प्रवेश के लिए विद्यार्थियों में होड़ रहती है। मगर कॉलेज तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। कॉलेज प्रबंध तंत्र का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इससे महाविद्यालय को होने वाली आय से यहां पर मेंटिनेंस, छात्रों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। कॉलेज में कई बार शिक्षक खुद पैसे इकट्ठा करके छोटा-मोटा सामान खरीद लेते हैं। कई शिक्षक तो खुद केमिकल बाजार से ले आते हैं। बड़ी समस्या यहां की छतों का मेंटिनेंस न हो पाने को लेकर बनी हुई है। बारिश में कई कमरों की छतों से पानी टपकता है।
‘लोन’ लेकर जमा करते बिजली, पानी का बिल
प्रवेश के लिए छात्रों को बंटने वाले विवरणी पुस्तिका से जमा होने वाले पैसे से कॉलेज लोन लेकर बिजली और पानी का बिल जमा करता है। अगले साल पुस्तिका से होने वाली आय का पैसा फिर खाते में जमा कर दिया जाता है।
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बीबीसी प्राचार्य का पत्र मिलने के बाद कंट्रोलर की तैनाती को लेकर निदेशालय को पत्र लिख दिया है। अब मौखिक रूप से भी बात करूंगी। जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी। - डॉ. संध्या रानी, उच्च शिक्षा अधिकारी।
कॉलेज में कई कमरों की छतों से बारिश का पानी टपकता है। यहां पर मेंटिनेंस का काम होना है। ऐसे में कंट्रोलर नियुक्त करने के लिए उच्च शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। - डॉ. डीके अग्रवाल, प्राचार्य, बीबीसी।
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पढ़ाई के मामले में बीबीसी बुंदेलखंड का जाना-माना कॉलेज है। यहां प्रवेश के लिए विद्यार्थियों में होड़ रहती है। मगर कॉलेज तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। कॉलेज प्रबंध तंत्र का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इससे महाविद्यालय को होने वाली आय से यहां पर मेंटिनेंस, छात्रों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। कॉलेज में कई बार शिक्षक खुद पैसे इकट्ठा करके छोटा-मोटा सामान खरीद लेते हैं। कई शिक्षक तो खुद केमिकल बाजार से ले आते हैं। बड़ी समस्या यहां की छतों का मेंटिनेंस न हो पाने को लेकर बनी हुई है। बारिश में कई कमरों की छतों से पानी टपकता है।
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‘लोन’ लेकर जमा करते बिजली, पानी का बिल
प्रवेश के लिए छात्रों को बंटने वाले विवरणी पुस्तिका से जमा होने वाले पैसे से कॉलेज लोन लेकर बिजली और पानी का बिल जमा करता है। अगले साल पुस्तिका से होने वाली आय का पैसा फिर खाते में जमा कर दिया जाता है।
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बीबीसी प्राचार्य का पत्र मिलने के बाद कंट्रोलर की तैनाती को लेकर निदेशालय को पत्र लिख दिया है। अब मौखिक रूप से भी बात करूंगी। जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी। - डॉ. संध्या रानी, उच्च शिक्षा अधिकारी।
कॉलेज में कई कमरों की छतों से बारिश का पानी टपकता है। यहां पर मेंटिनेंस का काम होना है। ऐसे में कंट्रोलर नियुक्त करने के लिए उच्च शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। - डॉ. डीके अग्रवाल, प्राचार्य, बीबीसी।