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बिल्डरों का रिकार्ड खंगालेगा वाणिज्य कर विभाग
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झांसी। वाणिज्य कर विभाग बिल्डरों के रिकॉर्ड की छानबीन करने की तैयारी कर रहा है। इसमें मेंटीनेंस चार्ज और निर्माण सामग्री में टैक्स दिया या नहीं। ऐसे सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी। दरअसल, अभी विभाग में 53 बिल्डर पंजीकृत हैं जो उम्मीद से कम टैक्स दे रहे हैं। नए बिल्डरों का भी पता किया जाएगा।
वाणिज्य कर विभाग के लिए बढ़ा लक्ष्य हासिल करना मुश्किल भरा होता जा रहा है। इस कारण अधिकारी टैक्स बढ़ाने के लिए लगातार स्रोत तलाश कर रहे हैं। इसी पहल के तहत जनपद के बिल्डरों का रिकार्ड खंगालने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि महानगर, कस्बों में बिल्डर फ्लैट और कॉलोनियां तो बसाते जा रहे हैं, लेकिन टैक्स देने से बच रहे हैं। जांच में देखा जाएगा कि बिल्डरों ने घर बुकिंग के साथ जो तीन साल का मेंटेनेंस चार्ज लिया है उस पर 18 प्रतिशत टैक्स जमा किया है कि नहीं। निर्माण कार्य में जो मैटेरियल (लोहा, सीमेंट, बालू व अन्य सामग्री) लगाया जा रहा है उस हिसाब से टैक्स जमा जमा किया कि नहीं।
वहीं, वाणिज्य कर कमिश्नर मुख्यालय ने सभी जोन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने क्षेत्रों में सर्वे करा कर नए निर्माण कार्यों को चिह्नित करें, इसके बाद संबंधित बिल्डरों को आमंत्रित कर वार्ता करें और उनसे टैक्स जमा करवाएं। इस संबंध में ज्वाइंट कमिश्नर (विशेष अनुसंधान शाखा) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि झांसी, ललितपुर व जालौन जिले में बिल्डरों की सूची एकत्रित की जा रही है। तीनों जनपदों में एक- एक अधिकारी को इस संबंध में सूचना एकत्रित करने के लिए तैनात किया गया है। अभी झांसी में 53, ललितपुर में एक और जालौन में एक भी बिल्डर पंजीकृत नहीं है।
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वाणिज्य कर विभाग के लिए बढ़ा लक्ष्य हासिल करना मुश्किल भरा होता जा रहा है। इस कारण अधिकारी टैक्स बढ़ाने के लिए लगातार स्रोत तलाश कर रहे हैं। इसी पहल के तहत जनपद के बिल्डरों का रिकार्ड खंगालने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि महानगर, कस्बों में बिल्डर फ्लैट और कॉलोनियां तो बसाते जा रहे हैं, लेकिन टैक्स देने से बच रहे हैं। जांच में देखा जाएगा कि बिल्डरों ने घर बुकिंग के साथ जो तीन साल का मेंटेनेंस चार्ज लिया है उस पर 18 प्रतिशत टैक्स जमा किया है कि नहीं। निर्माण कार्य में जो मैटेरियल (लोहा, सीमेंट, बालू व अन्य सामग्री) लगाया जा रहा है उस हिसाब से टैक्स जमा जमा किया कि नहीं।
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वहीं, वाणिज्य कर कमिश्नर मुख्यालय ने सभी जोन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने क्षेत्रों में सर्वे करा कर नए निर्माण कार्यों को चिह्नित करें, इसके बाद संबंधित बिल्डरों को आमंत्रित कर वार्ता करें और उनसे टैक्स जमा करवाएं। इस संबंध में ज्वाइंट कमिश्नर (विशेष अनुसंधान शाखा) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि झांसी, ललितपुर व जालौन जिले में बिल्डरों की सूची एकत्रित की जा रही है। तीनों जनपदों में एक- एक अधिकारी को इस संबंध में सूचना एकत्रित करने के लिए तैनात किया गया है। अभी झांसी में 53, ललितपुर में एक और जालौन में एक भी बिल्डर पंजीकृत नहीं है।
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