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बीएसए ऑफिस में ताला, कचहरी चौराहे पर घेरा डाला
amarujala
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:31 AM IST
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bsa jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी।
समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। बीएसए ऑफिस का गेट बंद रहा। शिक्षामित्रों ने मानव श्रंखला बनाकर कचहरी चौराहे पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक लगे रहे जाम के बाद पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डालने की मांग की।
शिक्षा भवन परिसर में जुटे और सभा कर रहे सैकड़ों महिला-पुरुष शिक्षामित्र जुलूस लेकर कचहरी चौराहे पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए वहां जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर एडीएम (न्याय) पप्पू गुप्ता, सीओ सिटी वीके तिवारी सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने शिक्षामित्रों से जाम खोलने को कहा, इस पर प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे। अधिकारियों के समझाने पर शिक्षामित्रों ने संयुक्त समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा झांसी के लेटरपैड पर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त करने से 1,70,000 परिवारों के समक्ष रोजीरोटी का संकट उत्पन्न हो गया हैं। ऐसे में राज्य सरकार जल्द अध्यादेश पारित कर समायोजित शिक्षकों-शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करे या सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाले।
प्रदर्शन दौरान कुछ शिक्षामित्रों ने शिक्षा भवन के मुख्य गेट को बंद कर पत्थर रख दिए। इससे पूर्व पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बीच शिक्षा भवन परिसर में शिक्षामित्रों ने दिन भर सभा कर राज्य सरकार से मांग की कि वह अपना रुख स्पष्ट करे। सभा में सुगर सिंह यादव, संजीव यादव, पंकज, विष्णु दत्त, गोविंद सिंह आदि मौजूद रहे।
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किसने डाला ताला
बीएसए ऑफिस के गेट पर लगे ताले को लेकर को लेकर दिन भर संशय बना रहा। कोई यह कहता नजर आया कि आंदोलनकारी शिक्षामित्रों ने ताला डाला, तो कहीं यह सुनाई दिया कि सुरक्षा के लिहाज से कर्मचारियों ने ही ताला डाल दिया था। बीएसए कार्यालय के मुख्य गेट पर एकाएक ताला लगने से कुछ कर्मचारी कार्यालय के अंदर रह गए, तो कुछ बाहर टहलते नजर आए।
बेहोश हुई महिला
प्रदर्शनकारियों के जाम लगाने के दौरान जाम में फंसी टहरौली की गीता सोनी बेहोश हो गई, जिसे राहगीरों ने पानी पिलाकर होश में लाने की कोशिश की। इसी प्रकार सभा स्थल में एक महिला शिक्षामित्र बेहोश हो गई, जिसे साथी शिक्षामित्रों ने पानी पिलाकर ठीक किया।
कड़ी चौकसी रही शिक्षा भवन परिसर में
बुधवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा बीएसए कार्यालय बंद कराने के चलते बृहस्पतिवार को शिक्षा भवन परिसर में पुलिस और जिला प्रशासन की कड़ी चौकसी रही। प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी लगातार सभा कर रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे रहे।
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समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। बीएसए ऑफिस का गेट बंद रहा। शिक्षामित्रों ने मानव श्रंखला बनाकर कचहरी चौराहे पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक लगे रहे जाम के बाद पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डालने की मांग की।
शिक्षा भवन परिसर में जुटे और सभा कर रहे सैकड़ों महिला-पुरुष शिक्षामित्र जुलूस लेकर कचहरी चौराहे पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए वहां जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर एडीएम (न्याय) पप्पू गुप्ता, सीओ सिटी वीके तिवारी सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने शिक्षामित्रों से जाम खोलने को कहा, इस पर प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे। अधिकारियों के समझाने पर शिक्षामित्रों ने संयुक्त समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा झांसी के लेटरपैड पर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त करने से 1,70,000 परिवारों के समक्ष रोजीरोटी का संकट उत्पन्न हो गया हैं। ऐसे में राज्य सरकार जल्द अध्यादेश पारित कर समायोजित शिक्षकों-शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करे या सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाले।
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प्रदर्शन दौरान कुछ शिक्षामित्रों ने शिक्षा भवन के मुख्य गेट को बंद कर पत्थर रख दिए। इससे पूर्व पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बीच शिक्षा भवन परिसर में शिक्षामित्रों ने दिन भर सभा कर राज्य सरकार से मांग की कि वह अपना रुख स्पष्ट करे। सभा में सुगर सिंह यादव, संजीव यादव, पंकज, विष्णु दत्त, गोविंद सिंह आदि मौजूद रहे।
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किसने डाला ताला
बीएसए ऑफिस के गेट पर लगे ताले को लेकर को लेकर दिन भर संशय बना रहा। कोई यह कहता नजर आया कि आंदोलनकारी शिक्षामित्रों ने ताला डाला, तो कहीं यह सुनाई दिया कि सुरक्षा के लिहाज से कर्मचारियों ने ही ताला डाल दिया था। बीएसए कार्यालय के मुख्य गेट पर एकाएक ताला लगने से कुछ कर्मचारी कार्यालय के अंदर रह गए, तो कुछ बाहर टहलते नजर आए।
बेहोश हुई महिला
प्रदर्शनकारियों के जाम लगाने के दौरान जाम में फंसी टहरौली की गीता सोनी बेहोश हो गई, जिसे राहगीरों ने पानी पिलाकर होश में लाने की कोशिश की। इसी प्रकार सभा स्थल में एक महिला शिक्षामित्र बेहोश हो गई, जिसे साथी शिक्षामित्रों ने पानी पिलाकर ठीक किया।
कड़ी चौकसी रही शिक्षा भवन परिसर में
बुधवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा बीएसए कार्यालय बंद कराने के चलते बृहस्पतिवार को शिक्षा भवन परिसर में पुलिस और जिला प्रशासन की कड़ी चौकसी रही। प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी लगातार सभा कर रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे रहे।