{"_id":"58bb12024f1c1b214e832e0c","slug":"booking-and-reservation-offices-under-one-roof","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक छत के नीचे होगा बुकिंग और आरक्षण कार्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक छत के नीचे होगा बुकिंग और आरक्षण कार्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
एक छत के नीचे होगा बुकिंग और आरक्षण कार्यालय
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेल प्रशासन ने आरक्षित और अनारक्षित टिकटें एक ही छत के नीचे से देने की योजना बना ली है। आरक्षण और बुकिंग कार्यालय को रेलवे स्टेशन के सामने नवनिर्मित यात्री शेड के पास शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। यह कार्यालय यहां पोस्ट ऑफिस को तोड़कर बनाया जाएगा। इसके लिए रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने 65 लाख का स्टीमेट तैयार कर लिया है।
अभी रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग में आरक्षित और अनारक्षित टिकट काउंटर अलग-अलग स्थानों पर हैं। आरक्षण कराने आने वाले लोग अपने वाहन कार्यालय के बाहर ही खड़े करते हैं, इससे अतिक्रमण की स्थिति बनती है। वहीं बुकिंग हॉल और बुकिंग कार्यालय एक साथ बने होने के कारण अक्सर यहां भीड़ बनी रहती है। जगह न होने पर यात्री परिवार को प्लेटफार्म पर बिठाने के बाद फिर टिकट लेने जाते हैं। इससे प्लेटफार्म पर पहचानना मुश्किल होता है कि कौन टिकट लेकर बैठा हुआ और कौन नहीं। बुकिंग हॉल व प्लेटफार्म पर भीड़ कम रहे। इसके लिए स्टेशन के सामने नए यात्री शेड का निर्माण हाल में ही किया गया, लेकिन यात्री शेड दूर होने के कारण यात्री उसका लाभ नहीं ले रहे हैं। यात्री शेड में सन्नाटा पसरा रहता है।
यात्री शेड में जाकर लोग बैठे, इसके लिए अब रेल प्रशासन आरक्षण और बुकिंग काउंटर को इसके पास बने पोस्ट ऑफिस की जगह शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। अभी पोस्ट ऑफिस रेलवे की बिल्डिंग में किराए से चल रहा है। पोस्ट ऑफिस को खाली कराने के बाद उसमें दोनों ऑफिस तैयार होंगे।
विज्ञापन
इंसेट
कम से कम दो साल का इंतजार
रेलवे ने आरक्षण और बुकिंग कार्यालय बनवाने के लिए स्टीमेट तैयार कर लिया है, लेकिन अभी यह स्वीकृत नहीं हुआ है। मार्च में ही इसे इलाहाबाद मुख्यालय भेजा जाएगा। मुख्यालय से स्वीकृति कब तक मिल पाएगी, इसकी समय सीमा तय नहीं है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य पूरा होने में कम से कम दो साल लग जाएंगे।
कोट
योजना पर काम चल रहा है। जल्द ही स्टीमेट को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ
विज्ञापन
अभी रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग में आरक्षित और अनारक्षित टिकट काउंटर अलग-अलग स्थानों पर हैं। आरक्षण कराने आने वाले लोग अपने वाहन कार्यालय के बाहर ही खड़े करते हैं, इससे अतिक्रमण की स्थिति बनती है। वहीं बुकिंग हॉल और बुकिंग कार्यालय एक साथ बने होने के कारण अक्सर यहां भीड़ बनी रहती है। जगह न होने पर यात्री परिवार को प्लेटफार्म पर बिठाने के बाद फिर टिकट लेने जाते हैं। इससे प्लेटफार्म पर पहचानना मुश्किल होता है कि कौन टिकट लेकर बैठा हुआ और कौन नहीं। बुकिंग हॉल व प्लेटफार्म पर भीड़ कम रहे। इसके लिए स्टेशन के सामने नए यात्री शेड का निर्माण हाल में ही किया गया, लेकिन यात्री शेड दूर होने के कारण यात्री उसका लाभ नहीं ले रहे हैं। यात्री शेड में सन्नाटा पसरा रहता है।
विज्ञापन
यात्री शेड में जाकर लोग बैठे, इसके लिए अब रेल प्रशासन आरक्षण और बुकिंग काउंटर को इसके पास बने पोस्ट ऑफिस की जगह शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। अभी पोस्ट ऑफिस रेलवे की बिल्डिंग में किराए से चल रहा है। पोस्ट ऑफिस को खाली कराने के बाद उसमें दोनों ऑफिस तैयार होंगे।
विज्ञापन
इंसेट
कम से कम दो साल का इंतजार
रेलवे ने आरक्षण और बुकिंग कार्यालय बनवाने के लिए स्टीमेट तैयार कर लिया है, लेकिन अभी यह स्वीकृत नहीं हुआ है। मार्च में ही इसे इलाहाबाद मुख्यालय भेजा जाएगा। मुख्यालय से स्वीकृति कब तक मिल पाएगी, इसकी समय सीमा तय नहीं है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य पूरा होने में कम से कम दो साल लग जाएंगे।
कोट
योजना पर काम चल रहा है। जल्द ही स्टीमेट को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ