{"_id":"64121655d86360ae5e076e04","slug":"bjp-two-months-have-passed-the-name-of-the-chairman-could-not-be-stamped-jhansi-news-jhs2407632126-2023-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा: दो महीने गए गुजर, सभापति के नाम पर नहीं लग सकी मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा: दो महीने गए गुजर, सभापति के नाम पर नहीं लग सकी मुहर
विज्ञापन
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के निदेशक का चुनाव हुए करीब दो महीने बीत जाने के बावजूद भाजपा में सभापति को लेकर एकराय नहीं हो पाई है। जबकि, तीन दिन बाद दोबारा चुनाव होने जा रहा है। सभापति को लेकर दो धड़े जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक बंटे हुए हैं।
बीती 19 जनवरी को अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर के 12 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया हुई थी। इससे भाजपा का दबदबा रहा और सभी निदेशक बीजेपी के ही चुने गए। इसके बाद 27 जनवरी को सभापति का चुनाव होना था मगर पार्टी में दो फाड़ हो गए। प्रदेश से लेकर जिला तक के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि अलग-अलग गुटों में बंट गए। सूत्रों के मुताबिक एक मंत्री तक का फोन आ गया। मंत्री ने एक नवनिर्वाचित निदेशक का नाम लेते हुए उन्हें ही सभापति का नामांकन पत्र देने के लिए कहा। दूसरे गुट ने इसकी सूचना लखनऊ में संगठन के वरिष्ठ नेताओं को दी। इसके बाद चुनाव स्थगित करना पड़ा। चुनाव अधिकारी ने निर्वाचन कार्यालय को कोई भी नामांकन न होने की सूचना देते हुए चुनाव की नई तिथि घोषित करने के लिए पत्र लिखा। फिर सभापति के निर्वाचन की तिथि 19 मार्च घोषित की गई। वहीं, 12 निदेशकों को चुने हुए लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद भाजपा के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी किसी एक नाम पर सहमत नहीं हो पाए हैं। यहां तक कि सहमति बनाने को लेकर बैठक तक नहीं हुई है। जबकि, अब चुनाव होने में महज तीन दिन ही बचे हैं। दूसरी तरफ, प्रदेश संगठन की तरफ से भी अब तक किसी एक नाम को हरी झंडी नहीं दिखाई जा सकी है।
सभापति के लिए ये चार नाम रेस में
अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति के लिए चार नाम रेस में हैं। इसमें मनु सिंह, अमित चिरवारिया, रमाकांत दुबे पंकज और पुरुषोत्तम स्वामी शामिल हैं। अब देखने वाली बात ये है कि आखिर इन नामों से ही किसी एक पर पार्टी मुहर लगाती है। या फिर आपसी खींचतान का फायदा आठ में से किसी और नवनिर्वाचित निदेशक को मिल जाएगा।
विज्ञापन
जिला स्तर से कोर ग्रुप ने संगठन को अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति के लिए चार नाम भेजे थे। संगठन जिस किसी का भी नाम तय कर देगा, वही पर्चा भरेगा। - मुकेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष, भाजपा।
विज्ञापन
बीती 19 जनवरी को अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर के 12 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया हुई थी। इससे भाजपा का दबदबा रहा और सभी निदेशक बीजेपी के ही चुने गए। इसके बाद 27 जनवरी को सभापति का चुनाव होना था मगर पार्टी में दो फाड़ हो गए। प्रदेश से लेकर जिला तक के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि अलग-अलग गुटों में बंट गए। सूत्रों के मुताबिक एक मंत्री तक का फोन आ गया। मंत्री ने एक नवनिर्वाचित निदेशक का नाम लेते हुए उन्हें ही सभापति का नामांकन पत्र देने के लिए कहा। दूसरे गुट ने इसकी सूचना लखनऊ में संगठन के वरिष्ठ नेताओं को दी। इसके बाद चुनाव स्थगित करना पड़ा। चुनाव अधिकारी ने निर्वाचन कार्यालय को कोई भी नामांकन न होने की सूचना देते हुए चुनाव की नई तिथि घोषित करने के लिए पत्र लिखा। फिर सभापति के निर्वाचन की तिथि 19 मार्च घोषित की गई। वहीं, 12 निदेशकों को चुने हुए लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद भाजपा के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी किसी एक नाम पर सहमत नहीं हो पाए हैं। यहां तक कि सहमति बनाने को लेकर बैठक तक नहीं हुई है। जबकि, अब चुनाव होने में महज तीन दिन ही बचे हैं। दूसरी तरफ, प्रदेश संगठन की तरफ से भी अब तक किसी एक नाम को हरी झंडी नहीं दिखाई जा सकी है।
विज्ञापन
सभापति के लिए ये चार नाम रेस में
अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति के लिए चार नाम रेस में हैं। इसमें मनु सिंह, अमित चिरवारिया, रमाकांत दुबे पंकज और पुरुषोत्तम स्वामी शामिल हैं। अब देखने वाली बात ये है कि आखिर इन नामों से ही किसी एक पर पार्टी मुहर लगाती है। या फिर आपसी खींचतान का फायदा आठ में से किसी और नवनिर्वाचित निदेशक को मिल जाएगा।
विज्ञापन
जिला स्तर से कोर ग्रुप ने संगठन को अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति के लिए चार नाम भेजे थे। संगठन जिस किसी का भी नाम तय कर देगा, वही पर्चा भरेगा। - मुकेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष, भाजपा।