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UP: चारों ओर बिखरा खून... दो टुकड़ों में बंट गया था ट्राला, झांसी-कानपुर हाईवे पर खौफनाक मंजर देख कांपे लोग
Sat, 27 Dec 2025 01:49 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 27 Dec 2025 01:49 PM IST
सार
यूपी के झांसी में बड़ासा हादसा हुआ है। गोलगप्पे के ठेले के पास खड़े लोगों को साथ लेकर एक ट्रॉला नहर में गिर गया। ट्रॉला दो हिस्सों में बंट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कानपुर से झांसी की ओर आ रहा लोहे की चादरों से लदा ट्राला शुक्रवार शाम करीब 4:15 बजे चिरगांव थाना क्षेत्र के पारीछा पुल के पास अनियंत्रित हो गया।
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accident in Jhansi
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
झांसी-कानपुर हाईवे पर शुक्रवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में 22 चक्का ट्राला अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गोलगप्पे के ठेले के पास खड़े लोगों को चपेट में लेते हुए पारीछा नहर में जा गिरा। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि ट्राले के साथ अन्य कई लोग भी नहर में गिरे हैं, जिनकी तलाश जारी है। देर शाम एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।
घटना स्थल का मंजर खौफनाक था। चारों ओर बिखरा खून हादसे की भयावहता की गवाही दे रहा था। तीस फीट गहराई में गिरने से भारी भरकम ट्राला दो टुकड़ों में बंट गया था। ट्राला का एक हिस्सा नहर के तेज बहाव में बहकर करीब सौ मीटर दूर निकल गया जबकि शेष भाग नहर के आसपास बिखर गया।
ट्राला में वजनी लोहे की चादर लदी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं सके। ट्राला अपनी रफ्तार से कानपुर की तरह से आ रहा था। जैसे ही वह पारीछा पुल के पास पहुंचा, अनियंत्रित होकर पुलिया की दीवार तोड़ता हुआ नीचे जा गिरा।
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घटना स्थल का मंजर खौफनाक था। चारों ओर बिखरा खून हादसे की भयावहता की गवाही दे रहा था। तीस फीट गहराई में गिरने से भारी भरकम ट्राला दो टुकड़ों में बंट गया था। ट्राला का एक हिस्सा नहर के तेज बहाव में बहकर करीब सौ मीटर दूर निकल गया जबकि शेष भाग नहर के आसपास बिखर गया।
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ट्राला में वजनी लोहे की चादर लदी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं सके। ट्राला अपनी रफ्तार से कानपुर की तरह से आ रहा था। जैसे ही वह पारीछा पुल के पास पहुंचा, अनियंत्रित होकर पुलिया की दीवार तोड़ता हुआ नीचे जा गिरा।
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गोलगप्पे बेच रहा हरिराम समेत वहां गोलगप्पे खाने रुका मोहन उसकी सीधे चपेट में आ गया जबकि खड़े दो लोगों का कुछ पता नहीं चल सका। नहर में लगभग 20 फीट पानी था। तेज बहाव के कारण ट्राला का केबिन लगभग सौ मीटर दूर जा निकला।
पुलिस के पहुंचने पर जब तलाश आरंभ हुई तो नहर के बाहर ही चादर की चपेट में आने से हरिराम एवं मोहन की मौत हो गई थी। चारों ओर बिखरा खून देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। सीओ सदर रामवीर सिंह, सीओ मोंठ अजय कुमार श्रोतिय भी पहुंच गए लेकिन, खबर लिखे जाने तक शेष लोगों का पता नहीं चल सका।
गोलगप्पे खाने से इन्कार करने पर बच गई सीमा की जान
पृथ्वीपुर निवासी मोहन कुशवाहा सरहज (साले की पत्नी) सीमा को लेकर भांडेर के मुस्तरा गांव गया था। वहां से दोनों बाइक से लौट रहे थे। मेडिकल अस्पताल में बिलख रही सीमा ने बताया कि रास्ते में ठेला देखकर मोहन ने गोलगप्पे खाने की बात कही लेकिन उसका मन नहीं हो रहा था। उसने गोलगप्पे खाने से इन्कार कर दिया।
पृथ्वीपुर निवासी मोहन कुशवाहा सरहज (साले की पत्नी) सीमा को लेकर भांडेर के मुस्तरा गांव गया था। वहां से दोनों बाइक से लौट रहे थे। मेडिकल अस्पताल में बिलख रही सीमा ने बताया कि रास्ते में ठेला देखकर मोहन ने गोलगप्पे खाने की बात कही लेकिन उसका मन नहीं हो रहा था। उसने गोलगप्पे खाने से इन्कार कर दिया।
मोहन गोलगप्पे खाने के लिए चला गया जबकि वह पुलिया से कुछ दूर पहले रुक गई। वहां खड़ी होकर वह मोहन का इंतजार करने लगी। अचानक उसकी आंखों के सामने से ट्राला रफ्तार में आया। सीधे पूरे ठेले को अपनी चपेट में लेता हुआ नीचे जा गिरा। हादसे की खबर लगने पर देर रात उसकी पत्नी पुष्पा भी रोते-बिखलते पहुंच गई। मोहन प्राइवेट काम करके जीविकोपार्जन करता था।
परिवार में पत्नी समेत आठ साल का पुत्र राज है। हादसे में जानं गंवाने वाला गोलगप्पा विक्रेता हरिराम ने पंद्रह दिन पहले ही दुकान लगानी आरंभ की थी। परिवार में पत्नी रेखा समेत नौ साल की नैंसी, सात साल की परी एवं पांच साल का बेटा सुमित है। उसकी मौत की खबर लगते ही परिवार के लोग बदहवास हो गए। वे लोग भी तुरंत मेडिकल अस्पताल पहुंच गए।
मगरमच्छों ने रोका बचाव कार्य
चालक समेत अन्य लोगों की तलाश में पुलिस ने अंधेरा होने के बाद भी अभियान चलाया। गोताखोरों को भी बुला लिया गया लेकिन नदी के साथ ही नहर में भी मगरमच्छ दिखाई पड़े। बचाव कार्य रोक दिया गया। जालौन से एसडीआरएफ टीम को भी बुला लिया गया। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के मुताबिक सुबह से बचाव कार्य फिर से आरंभ कराया जाएगा।
चालक समेत अन्य लोगों की तलाश में पुलिस ने अंधेरा होने के बाद भी अभियान चलाया। गोताखोरों को भी बुला लिया गया लेकिन नदी के साथ ही नहर में भी मगरमच्छ दिखाई पड़े। बचाव कार्य रोक दिया गया। जालौन से एसडीआरएफ टीम को भी बुला लिया गया। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के मुताबिक सुबह से बचाव कार्य फिर से आरंभ कराया जाएगा।
उनका कहना है कि आगरा निवासी ट्राला मालिक निरपत से बात करने पर मालूम चला कि उसमें सिर्फ चालक ही मौजूद था। हादसे के बाद ट्राला का अगला हिस्सा अलग होकर नहर में बह गया था। उसको अधिक नुकसान नहीं हुआ। इस वजह से चालक के सुरक्षित होने की संभावना जताई जा रही। हालांकि देर शाम तक चले बचाव के दौरान उसका पता नहीं चल सका था।
जल शक्ति मंत्री भी पहुंचे
हादसे की खबर लगने पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अफसरों से बचाव कार्य त्वरित तरीके से करने के निर्देश दिए। इस दौरान बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह समेत अन्य भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
हादसे की खबर लगने पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अफसरों से बचाव कार्य त्वरित तरीके से करने के निर्देश दिए। इस दौरान बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह समेत अन्य भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।