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बेतवा नदी में छोड़ा जा रहा है कॉलोनी का गंदा पानी
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betwa me choda gaya ganda pani
झांसी। पारीछा थर्मल पावर प्लांट की कॉलोनी से निकलने वाले गंदे पानी का मुंह बेतवा नदी की ओर मोड़ दिया गया है। बुंदेलखंड की गंगा मानी जाने वाली इस पवित्र नदी में लगातार गंदा पानी गिर रहा है। इससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। जबकि, पहले ये पानी खेतों को दिया जाता था। इस बदलाव से क्षेत्र के लोगों में ऐतराज है।
कानपुर रोड पर स्थित पारीछा थर्मल पावर प्लांट के सामने आवासीय कॉलोनी स्थित है, जिसमें पांच सौ से अधिक कर्मचारी व अधिकारी अपने परिवारों के साथ रहते हैं। पहले इन आवासों से निकलने वाले गंदे पानी को एक नाले के जरिए खेतों में पहुंचाया जाता था। लेकिन, पिछले दो महीने से इसमें बदलाव कर ये पानी अब प्लांट के पीछे से निकली बेतवा नदी में गिराया जा रहा है।
लगातार गंदा पानी गिरने की वजह से बेतवा का जल प्रदूषित हो रहा है। इससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि एक ओर तो गंगा की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड की गंगा मानी जाने वाले बेतवा नदी को प्रदूषित किया जा रहा है। जबकि, कॉलोनी से निकले पानी का पहले खेतों में अच्छा उपयोग हो जाता था।
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मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो जांच कराई जाएगी, गंदा पानी नदी में नहीं जाने दिया जाएगा।
आरसी श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक - पारीछा थर्मल पावर प्लांट
नदी के साथ खेतों को भी नुकसान
झांसी। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष भानु सहाय ने कहा कि बेतवा बुंदेलखंड की जीवनदायिनी नदी है। इसके स्वच्छ जल को पारीछा में प्रदूषित करने का काम किया जा रहा है। कॉलोनी से निकलने वाले गंदे पानी को चुपचाप नदी की ओर मोड़ दिया गया है। इसकी शिकायत प्रशासन से भी की गई है। लेकिन, पानी को प्रदूषित होने से बचाने के अब तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं। जबकि, पहले कॉलोनी का पानी खेतों में दिए जाने से किसान लाभान्वित होते थे।
झांसी। बेतवा का पानी बेहद निर्मल है। ये नदी मध्य प्रदेश के रायसेन से निकलकर भोपाल, झांसी होते हुए जालौन और हमीरपुर को क्रॉस कर हमीरपुर में यमुना नदी में समाहित हो जाती है। इसके 480 किलोमीटर के सफर में न तो ज्यादा इंडस्ट्री हैं और न ही घनी आबादी, जिसकी वजह से बेतवा का पानी बेहद निर्मल है। बुंदेलखंड के एक बड़े भूभाग की सिंचाई का यही नदी साधन है।
कॉलोनी का गंदा पानी बेतवा में छोड़े जाने से नदी को तो नुकसान हो ही रहा है, साथ ही खेत भी पानी से वंचित हैं। इस व्यवस्था को बदला जाना चाहिए।
- रंजीत
एक ओर तो सरकार नदियों के संरक्षण के लिए तमाम प्रयास कर रही है। वहीं, बुंदेलखंड की बेतवा को प्रदूषित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
- राजू
देश की सबसे साफ नदियों में से एक बेतवा है। अगर इसी तरह इसकी अनदेखी की गई तो इसे भी अन्य नदियों की तरह प्रदूषित होने में वक्त नहीं लगेगा।
- अरविंद
कॉलोनी से चौबीसों घंटे गंदा पानी निकलता है और ये सीधा बेतवा में जाकर मिल जाता है। अब समय रहते इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वरना ये नदी भी प्रदूषित हो जाएगी।
- राहुल गुप्ता
पहले कॉलोनी के गंदे पानी को खेतों में पहुंचा दिया जाता था, जो सिंचाई काम भी आता था। लेकिन, अब नदी को प्रदूषित हो ही रही है, साथ ही खेत भी पानी से वंचित हैं।
- मोतीलाल
गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त किए जाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, बुंदेलखंड की गंगा नदी को प्रदूषित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
- अलख
कॉलोनी के गंदे पानी को बेतवा में जाने से तत्काल रोका जाना चाहिए। पानी के निस्तारण की पुरानी या अन्य कोई नई व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
- धर्मेंद्र
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कानपुर रोड पर स्थित पारीछा थर्मल पावर प्लांट के सामने आवासीय कॉलोनी स्थित है, जिसमें पांच सौ से अधिक कर्मचारी व अधिकारी अपने परिवारों के साथ रहते हैं। पहले इन आवासों से निकलने वाले गंदे पानी को एक नाले के जरिए खेतों में पहुंचाया जाता था। लेकिन, पिछले दो महीने से इसमें बदलाव कर ये पानी अब प्लांट के पीछे से निकली बेतवा नदी में गिराया जा रहा है।
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लगातार गंदा पानी गिरने की वजह से बेतवा का जल प्रदूषित हो रहा है। इससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि एक ओर तो गंगा की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड की गंगा मानी जाने वाले बेतवा नदी को प्रदूषित किया जा रहा है। जबकि, कॉलोनी से निकले पानी का पहले खेतों में अच्छा उपयोग हो जाता था।
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मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो जांच कराई जाएगी, गंदा पानी नदी में नहीं जाने दिया जाएगा।
आरसी श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक - पारीछा थर्मल पावर प्लांट
नदी के साथ खेतों को भी नुकसान
झांसी। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष भानु सहाय ने कहा कि बेतवा बुंदेलखंड की जीवनदायिनी नदी है। इसके स्वच्छ जल को पारीछा में प्रदूषित करने का काम किया जा रहा है। कॉलोनी से निकलने वाले गंदे पानी को चुपचाप नदी की ओर मोड़ दिया गया है। इसकी शिकायत प्रशासन से भी की गई है। लेकिन, पानी को प्रदूषित होने से बचाने के अब तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं। जबकि, पहले कॉलोनी का पानी खेतों में दिए जाने से किसान लाभान्वित होते थे।
झांसी। बेतवा का पानी बेहद निर्मल है। ये नदी मध्य प्रदेश के रायसेन से निकलकर भोपाल, झांसी होते हुए जालौन और हमीरपुर को क्रॉस कर हमीरपुर में यमुना नदी में समाहित हो जाती है। इसके 480 किलोमीटर के सफर में न तो ज्यादा इंडस्ट्री हैं और न ही घनी आबादी, जिसकी वजह से बेतवा का पानी बेहद निर्मल है। बुंदेलखंड के एक बड़े भूभाग की सिंचाई का यही नदी साधन है।
कॉलोनी का गंदा पानी बेतवा में छोड़े जाने से नदी को तो नुकसान हो ही रहा है, साथ ही खेत भी पानी से वंचित हैं। इस व्यवस्था को बदला जाना चाहिए।
- रंजीत
एक ओर तो सरकार नदियों के संरक्षण के लिए तमाम प्रयास कर रही है। वहीं, बुंदेलखंड की बेतवा को प्रदूषित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
- राजू
देश की सबसे साफ नदियों में से एक बेतवा है। अगर इसी तरह इसकी अनदेखी की गई तो इसे भी अन्य नदियों की तरह प्रदूषित होने में वक्त नहीं लगेगा।
- अरविंद
कॉलोनी से चौबीसों घंटे गंदा पानी निकलता है और ये सीधा बेतवा में जाकर मिल जाता है। अब समय रहते इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वरना ये नदी भी प्रदूषित हो जाएगी।
- राहुल गुप्ता
पहले कॉलोनी के गंदे पानी को खेतों में पहुंचा दिया जाता था, जो सिंचाई काम भी आता था। लेकिन, अब नदी को प्रदूषित हो ही रही है, साथ ही खेत भी पानी से वंचित हैं।
- मोतीलाल
गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त किए जाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, बुंदेलखंड की गंगा नदी को प्रदूषित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
- अलख
कॉलोनी के गंदे पानी को बेतवा में जाने से तत्काल रोका जाना चाहिए। पानी के निस्तारण की पुरानी या अन्य कोई नई व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
- धर्मेंद्र