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Jhansi News: होली पर सतर्क होकर खरीदना घी-तेल, पिछले साल 61 फीसदी नमूने हो गए थे फेल
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। होली पर मावा, दूध, घी, तेल समेत खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से हर बार मिलावट का कारोबार भी फैल जाता है। ऐसे में त्योहार पर खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। पिछले साल ही रंगों के इस पर्व पर खाद्य विभाग की ओर से लिए गए 61 फीसदी नमूने फेल हो गए थे। कुछ में तो तय मानक से कहीं ज्यादा खाद्य रंग मिला था, जो सेहत के लिए हानिकारक होता है।
होली के मद्देनजर खाद्य विभाग एक से पांच मार्च तक जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके बाद छह से 13 मार्च तक अभियान चलाकर विभाग नमूने एकत्र करेगा। उसे जांच के लिए गोरखपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। पिछले साल खाद्य विभाग ने 15 से 24 मार्च अभियान चलाया था। जिला अभिहित अधिकारी चितरंजन कुमार ने बताया कि जनपद के अलग-अलग हिस्सों से विभाग ने 67 नमूने लिए थे। इनमें 41 नमूने मानक पर खरे नहीं उतर पाए थे। इन सभी के खिलाफ वाद दायर किया गया है। खोआ के 16 में नौ नमूने फेल हो गए थे। इनमें निर्धारित 30 फीसदी से कम मिल्क फैट पाया गया था। वहीं, सरसों के तेल के सात में पांच नमूने फेल हुए थे। इनमें अमलीय मूल्य बढ़ा हुआ मिला था। रसगुल्ला, बर्फी के छह में चार नमूने अधोमानक मिले थे। रसगुल्ला में जहां स्टार्च मिला था। वहीं, बर्फी में रिफाइंड की मिलावट पाई गई थी। इसके अलावा, रिफाइंड के चार में दो नमूनों में भी अमलीय मूल्य तय मानक से ज्यादा मिला था। नमकीन के 14 में दो नमूने फेल हुए थे। इनमें 100 पार्ट्स पर मिलियन की तुलना में कहीं अधिक खाद्य रंग मिला। घी के दोनों और दूध के सभी 10 नमूने फेल हो गए। दूध में फैट की मात्रा कम पाई गई। यही नहीं, लड्डू के चार में से दो नमूनों में भी जरूरत से ज्यादा खाद्य रंग मिला।
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