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बड़वार झील के बहुरेंगे दिन, अब बारहों महीने रहेगी लबालब
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झांसी। बड़वार झील के दिन अब जल्द बहुरने वाले हैं। अक्सर सूखी पड़ी रहने वाली इस झील को बेतवा नदी से भरा जाएगा। इसके लिए तेरह किलोमीटर लंबा एक लिंक केनाल बनाया गया है। इसकी मदद से बारिश के दिनों में इस झील को भर दिया जाएगा। इसके जरिए गुरसराय के दो दर्जन से अधिक प्यासे इलाकों तक पीने का पानी पहुंचेगा। किसानों को रबी सीजन में सिंचाई के लिए भी पानी मिलेगा।
गुरसराय के दर्जनों इलाके सूखा ग्रस्त हैं। हीरानगर, भदरवारा, वीरपुरा समेत दर्जनों इलाकों में पेयजल की भी अच्छी व्यवस्था नहीं है। इन इलाकों की समस्या दूर करने केे लिए 48.73 करोड़ रुपये से बड़वार झील पुनर्जीवन प्रोजेक्ट तैयार किया गया। करीब 24 फुटगहरी यह झील सिर्फ आसपास के इलाकों के बारिश के पानी से 4 से 5 फुट ही भर पाती है। अब इसे बेतवा नदी की मदद से लबालब भरने की योजना बनाई गई है। इसके लिए तेरह किलोमीटर लंबी लिंक केनाल बनाई है। बरसात के दिनों में बेतवा के ओवर फ्लो पानी का इस्तेमाल इस झील को भरने में किया जाएगा। इसकी मदद से यहां 40 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी सुरक्षित रखा जाएगा। लबालब झील भरने के बाद 10 फुट पानी पेयजल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा जबकि 14 फुट पानी का इस्तेमाल सिंचाई कार्यों में होगा। इस झील के भरे होने से जल जीवन मिशन के जरिए घरों तक पानी पहुंचाया जा सकेगा। इसके साथ करीब 6 हजार हेक्टेयर भूमि को रबी सीजन में पानी मिल सकेगा।
प्रोजेक्ट का करीब अस्सी फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। कुछ दिनों बाद इसकी टेस्टिंग भी शुरू हो जाएगी। इसकी मदद से पीने के पानी के साथ ही रबी सीजन में सिंचाई भी कराई जा सकेगी।
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उमेश कुमार, एक्सईएन
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गुरसराय के दर्जनों इलाके सूखा ग्रस्त हैं। हीरानगर, भदरवारा, वीरपुरा समेत दर्जनों इलाकों में पेयजल की भी अच्छी व्यवस्था नहीं है। इन इलाकों की समस्या दूर करने केे लिए 48.73 करोड़ रुपये से बड़वार झील पुनर्जीवन प्रोजेक्ट तैयार किया गया। करीब 24 फुटगहरी यह झील सिर्फ आसपास के इलाकों के बारिश के पानी से 4 से 5 फुट ही भर पाती है। अब इसे बेतवा नदी की मदद से लबालब भरने की योजना बनाई गई है। इसके लिए तेरह किलोमीटर लंबी लिंक केनाल बनाई है। बरसात के दिनों में बेतवा के ओवर फ्लो पानी का इस्तेमाल इस झील को भरने में किया जाएगा। इसकी मदद से यहां 40 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी सुरक्षित रखा जाएगा। लबालब झील भरने के बाद 10 फुट पानी पेयजल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा जबकि 14 फुट पानी का इस्तेमाल सिंचाई कार्यों में होगा। इस झील के भरे होने से जल जीवन मिशन के जरिए घरों तक पानी पहुंचाया जा सकेगा। इसके साथ करीब 6 हजार हेक्टेयर भूमि को रबी सीजन में पानी मिल सकेगा।
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प्रोजेक्ट का करीब अस्सी फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। कुछ दिनों बाद इसकी टेस्टिंग भी शुरू हो जाएगी। इसकी मदद से पीने के पानी के साथ ही रबी सीजन में सिंचाई भी कराई जा सकेगी।
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उमेश कुमार, एक्सईएन