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Jhansi News: कांवड़ लेकर लौट रहे बीए के छात्र की मौत
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- परिवार में मचा कोहराम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। थाना मोंठ क्षेत्र के ग्राम जरहाखुर्द निवासी रामपाल का पुत्र बीए का छात्र मयंक पाल (20) कांवड़ यात्रा से लौटते समय अचानक गिर गया। आनन-फानन उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। युवक की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव का माहौल भी गमगीन बना हुआ है।
ग्राम जरहाखुर्द गांव के करीब बीस लोग रविवार को बाइकों से रतनगढ़ देवी मंदिर गए थे। वहां पहुंचकर सभी श्रद्धालुओं ने सिंध नदी से जल भरा और कांवड़ लेकर पैदल अपने गांव के लिए रवाना हुए। वे सभी बारी-बारी से जल से भरी कांवड़ लेकर पैदल चल रहे थे। सोमवार सुबह करीब नौ बजे सभी कांवड़ यात्री गांव पहुंचे। मयंक पाल भी उनके साथ शामिल था। गांव के नजदीक पहुंचने पर वह अचानक गिर गया। साथ में मौजूद लोगों ने उसे संभाला और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, यहां चिकित्सक डॉ. जिया जफर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मयंक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी एक बहन दीप्ति है, जिसका विवाह हो चुका है। मयंक के पिता खेती-किसानी का कार्य करते हैं। मयंक ने घर पर एक छोटी दुकान भी खोल रखी थी और वह भरोसा के महाविद्यालय से बीए की पढ़ाई कर रहा था। उसकी मौत के बाद से परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। थाना मोंठ क्षेत्र के ग्राम जरहाखुर्द निवासी रामपाल का पुत्र बीए का छात्र मयंक पाल (20) कांवड़ यात्रा से लौटते समय अचानक गिर गया। आनन-फानन उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। युवक की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव का माहौल भी गमगीन बना हुआ है।
ग्राम जरहाखुर्द गांव के करीब बीस लोग रविवार को बाइकों से रतनगढ़ देवी मंदिर गए थे। वहां पहुंचकर सभी श्रद्धालुओं ने सिंध नदी से जल भरा और कांवड़ लेकर पैदल अपने गांव के लिए रवाना हुए। वे सभी बारी-बारी से जल से भरी कांवड़ लेकर पैदल चल रहे थे। सोमवार सुबह करीब नौ बजे सभी कांवड़ यात्री गांव पहुंचे। मयंक पाल भी उनके साथ शामिल था। गांव के नजदीक पहुंचने पर वह अचानक गिर गया। साथ में मौजूद लोगों ने उसे संभाला और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, यहां चिकित्सक डॉ. जिया जफर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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मयंक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी एक बहन दीप्ति है, जिसका विवाह हो चुका है। मयंक के पिता खेती-किसानी का कार्य करते हैं। मयंक ने घर पर एक छोटी दुकान भी खोल रखी थी और वह भरोसा के महाविद्यालय से बीए की पढ़ाई कर रहा था। उसकी मौत के बाद से परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।
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